हासन में 40 दिन में हार्टअटैक से 23 मौतें, क्या है वजह?
10 जुलाई 2025, कर्नाटक के हासन जिले में पिछले 40 दिनों में हार्ट अटैक के कारण 23 लोगों की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। इनमें से छह की उम्र 19 से 25 साल के बीच थी, जबकि आठ की उम्र 25 से 45 साल के बीच थी। इस अचानक बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य अधिकारियों को चिंता में डाल दिया है, और लोग एहतियाती जांच के लिए अस्पतालों में धड़ाधड़ पहुंच रहे हैं।
जयदेव अस्पताल में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में वृद्धि
मैसुरू के प्रसिद्ध जयदेव अस्पताल में हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में 8% का इजाफा हुआ है। अस्पताल में हृदय से जुड़ी जांच के लिए आने वाले मरीजों की संख्या में भारी बढ़ोतरी देखी जा रही है। डॉक्टरों के अनुसार, हासन और आसपास के जिलों से लोग एहतियाती जांच के लिए आ रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों को लेकर लोगों में घबराहट फैल रही है, लेकिन एक बार की जांच से समस्या का समाधान नहीं मिलेगा।
डॉक्टरों की सलाह: जीवनशैली में बदलाव जरूरी
डॉ. केएस सदानंद, जो कि जयदेव अस्पताल, मैसूर के मेडिकल सुपरिटेंडेंट हैं, ने लोगों से घबराने की बजाय अपनी जीवनशैली में बदलाव करने की अपील की है। उन्होंने कहा, “ज्यादा घबराहट और डर के कारण लोग अस्पतालों में टूट पड़ते हैं। हमें अपनी खानपान और व्यायाम की आदतों में सुधार करना होगा। सिर्फ हार्ट की जांच से भविष्य की समस्याओं से बचना मुश्किल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अच्छी सेहत बनाए रखने के लिए नियमित एक्सरसाइज और संतुलित आहार की आवश्यकता है।
WHO रिपोर्ट: कार्डियोवस्कुलर डिजीज से 32% मौतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, कार्डियोवस्कुलर डिजीज (CVD) हर साल दुनिया भर में लगभग 6 करोड़ लोगों की जान ले लेता है। इनमें से लगभग 32% मौतें CVD के कारण होती हैं, जो इसे सबसे बड़ी जानलेवा बीमारी बनाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पहले हार्ट डिजीज के मरीज आमतौर पर 60 वर्ष से अधिक उम्र के होते थे, लेकिन अब यह बीमारी 30 साल से कम उम्र के लोगों में भी तेजी से फैल रही है। खासकर कोविड-19 महामारी के बाद, हार्ट अटैक के मामलों में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है।
क्या है हार्ट अटैक के बढ़ने की वजह?
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असंतुलित जीवनशैली: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग अक्सर अनहेल्दी खानपान और व्यायाम की कमी के कारण हार्ट की समस्याओं से जूझ रहे हैं।
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तनाव और मानसिक दबाव: लगातार बढ़ते तनाव और मानसिक दबाव के कारण भी दिल की बीमारियां बढ़ रही हैं।
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कोविड-19 का प्रभाव: कोविड के बाद से हार्ट डिजीज के मामले में बढ़ोतरी हुई है, क्योंकि संक्रमण और उसके बाद की जटिलताओं से हृदय प्रणाली पर असर पड़ा है।
हासन और मैसुरू में क्या हो रहा है?
इस बढ़ते डर के कारण, मैसुरू के जयदेव अस्पताल में रोजाना हजारों लोग हार्ट से संबंधित जांच के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, हासन में तो लोग हृदय जांच के लिए दूर-दूर से अस्पतालों में आ रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस समय घबराने की बजाय जीवनशैली में बदलाव करना सबसे बड़ा समाधान है।
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