Kanpur Hair Transplant Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ा एक और दुखद मामला सामने आया है, जहां फर्रुखाबाद निवासी इंजीनियर मयंक कटिहार की हेयर ट्रांसप्लांट के 24 घंटे के भीतर मौत हो गई। इस घटना ने डॉक्टर अनुष्का तिवारी और उनके “अंपायर हेयर ट्रांसप्लांट क्लीनिक” पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक के परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही, गलत इलाज और असंवेदनशील रवैये का आरोप लगाया है। यह दूसरा मामला है, जिसमें डॉक्टर तिवारी पर हेयर ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की मौत का आरोप लगा है।
क्या है पूरा मामला?
मयंक कटिहार 18 नवंबर 2024 को कानपुर में डॉ. अनुष्का तिवारी के क्लिनिक में हेयर ट्रांसप्लांट के लिए गए थे। मयंक की मां प्रमोदिनी कटिहार के अनुसार, प्रक्रिया के तुरंत बाद उनके बेटे को सिर में तेज दर्द और चेहरे पर सूजन की शिकायत शुरू हो गई। परिजनों ने कई बार डॉक्टर से संपर्क किया, लेकिन उन्हें हर बार “सब ठीक है” कहकर टाल दिया गया। हालत बिगड़ने पर डॉक्टर ने कार्डियोलॉजिस्ट को दिखाने की सलाह दी, लेकिन 19 नवंबर की सुबह मयंक की अचानक मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टर ने न केवल गलत इलाज किया, बल्कि मौत के बाद उनका नंबर ब्लॉक कर दिया और कोई जवाबदेही नहीं दिखाई।
परिवार का दर्द और गुस्सा
मयंक के भाई कुशाग्र कटिहार ने कहा, “मेरा भाई पूरी तरह स्वस्थ था। हेयर ट्रांसप्लांट जैसी सामान्य प्रक्रिया ने उसकी जिंदगी छीन ली। डॉक्टर की लापरवाही और असंवेदनशीलता ने हमें बर्बाद कर दिया।” परिवार ने अब पुलिस में शिकायत दर्ज करने का फैसला किया है और बुधवार को एसीपी अभिषेक पांडे से मुलाकात करने की योजना बनाई है, जो पहले से ही इसी तरह के एक अन्य मामले की जांच कर रहे हैं। परिवार को इस बात का मलाल है कि उन्होंने मयंक का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया, जिसके कारण उस समय कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हो सकी।
पहले भी विवादों में रही हैं डॉ. तिवारी
यह पहला मामला नहीं है, जब डॉ. अनुष्का तिवारी पर लापरवाही का आरोप लगा है। इससे पहले मार्च 2024 में इंजीनियर विनीत दुबे की हेयर ट्रांसप्लांट के बाद मौत हो गई थी। विनीत की पत्नी की शिकायत पर 56 दिन बाद रावतपुर थाने में डॉ. तिवारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। दोनों मामलों की समानता ने डॉक्टर की कार्यशैली और क्लिनिक के मानकों पर सवाल उठाए हैं।
Kanpur Hair Transplant Case: कानूनी कार्रवाई और सवाल
मयंक के परिजन अब सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसी लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, और दोषी डॉक्टर को सजा मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई और परिवार इस दर्द से न गुजरे। इस मामले ने हेयर ट्रांसप्लांट जैसे कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा और चिकित्सा क्षेत्र में जवाबदेही के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
सामाजिक और चिकित्सीय चिंताएं
कानपुर में लगातार दो हेयर ट्रांसप्लांट से जुड़ी मौतों ने शहरवासियों में डर पैदा कर दिया है। लोग अब कॉस्मेटिक क्लीनिकों की विश्वसनीयता और डॉक्टरों की योग्यता पर सवाल उठा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि हेयर ट्रांसप्लांट जैसी प्रक्रियाओं में मानक प्रोटोकॉल का पालन और मरीज की स्थिति की सही निगरानी जरूरी है। इस मामले ने चिकित्सा नियामक संस्थानों की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं।
इब्ने हसन ज़ैदी की रिपोर्ट
