Kanpur Suicide News: तनाव, कलह और डिप्रेशन ने ली पांच जिंदगियां, तीन महिलाएं शामिल
Kanpur Suicide News: कानपुर शहर एक ही दिन में पांच अलग-अलग आत्महत्याओं से दहल गया। कल्याणपुर, सचेंडी, चकेरी और बिधनू थाना क्षेत्रों में तीन युवतियों समेत पांच लोगों ने अपनी जान दे दी। इनमें एक छात्रा, एक नवविवाहिता, एक डिप्रेशन से जूझ रही युवती, एक युवक और एक कारपेंटर शामिल हैं।

Kanpur Suicide News: एसएससी की तैयारी कर रही छात्रा ने तनाव में लगाई फांसी
Kanpur Suicide News: कल्याणपुर के मकड़ीखेड़ा की 26 वर्षीय ज्योति, जो SSC की तैयारी कर रही थी, ने रविवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि वह 17 जुलाई को होने वाली ARO परीक्षा को लेकर काफी तनाव में थी। सुबह जब परिवार ने दरवाजा नहीं खुला देखा तो अंदर जाकर उसका शव लटकता मिला।
भाई से झगड़े के बाद युवक ने जान दी, बिजली कनेक्शन बना वजह
सचेंडी के प्रतापपुर गांव में 20 वर्षीय सरवन ने घर में रस्सी से लटककर आत्महत्या कर ली। परिजनों के अनुसार बड़े भाई रामगोपाल ने बिजली का कनेक्शन काट दिया था, जिससे दोनों में विवाद हुआ। इसी गुस्से में सरवन ने यह कदम उठा लिया।
छत पर जाकर कारपेंटर ने दी जान, चादर से बनाया फंदा
चकेरी के काजीखेड़ा निवासी 35 वर्षीय कारपेंटर गोपाल शर्मा ने जीने की लोहे की एंगल से चादर बांधकर आत्महत्या कर ली। वह शाम को काम से जल्दी लौट आया था और रात में छत पर सोने चला गया। सुबह जब नीचे नहीं आया तो परिजनों ने जाकर देखा कि वह फांसी पर लटका हुआ था।
शादी के 20 दिन बाद नवविवाहिता ने भी तोड़ा दम
बिधनू के हरदौली गांव की 19 वर्षीय सिमरन ने एक जुलाई को फंदा लगा लिया था। उसके ससुरालियों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, लेकिन छह जुलाई की रात उसने दम तोड़ दिया। पति संतोष ने बताया कि वह काम से मथुरा गया था और पत्नी ने फोन कर जल्दी लौटने को कहा था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने यह कदम उठा लिया।

जहरीला पदार्थ खा चुकी युवती की अस्पताल में मौत
Kanpur Suicide News: चकेरी की 23 वर्षीय पल्लवी, जो बीए फाइनल की छात्रा थी और साथ ही प्राइवेट जॉब करती थी, ने डिप्रेशन के कारण 26 जून को जहरीला पदार्थ खा लिया था। उसका इलाज मेरठ में चल रहा था, जहां रविवार रात उसने अंतिम सांस ली। भाई कुनाल ने बताया कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव से जूझ रही थी, कानपुर में एक ही दिन में आत्महत्या की पांच घटनाएं न केवल समाज को झकझोरने वाली हैं, बल्कि यह एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती हैं — क्या हम मानसिक स्वास्थ्य को लेकर गंभीर हैं? परीक्षा का दबाव, घरेलू झगड़े और अवसाद जैसी स्थितियों में युवा वर्ग के पास क्या कोई सुरक्षित सहारा है,पुलिस ने सभी मामलों में जांच शुरू कर दी है, लेकिन अब ज़रूरत है समाज, परिवार और सिस्टम को जागरूक और संवेदनशील बनाने की — ताकि अगली बार कोई और ज्योति, पल्लवी या सिमरन इस अंधे रास्ते की ओर न जाए।

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