कांकेर जिले के छोटेबेठिया थाना क्षेत्र के जंगलों में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक महिला नक्सली लीडर मारी गई। मृत नक्सली की पहचान वांटेड एरिया कमेटी मेंबर (ACM) रूपी रेड्डी के रूप में हुई है, जो लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों के निशाने पर थी।
तड़के सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़
पुलिस को इलाके में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सुरक्षाबलों ने सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच माचपल्ली के जंगलों में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।इस दौरान नक्सलियों ने जवानों पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभाला। मुठभेड़ के बाद मौके से रूपी रेड्डी का शव बरामद किया गया।
मौके से हथियार बरामद
पुलिस के अनुसार, घटनास्थल से एक पिस्टल और गोला-बारूद भी बरामद हुआ है। फिलहाल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है और अन्य नक्सलियों की तलाश की जा रही है।
सरेंडर से कर रही थी इनकार
पुलिस ने बताया कि रूपी रेड्डी को लगातार आत्मसमर्पण के लिए कहा जा रहा था, लेकिन वह सक्रिय रूप से नक्सली गतिविधियों में शामिल रही।बस्तर क्षेत्र में कई बड़े नक्सलियों के मारे जाने या सरेंडर के बाद वह सक्रिय कैडर में अहम भूमिका निभा रही थी।
नक्सली कमांडर की पत्नी थी रूपी
रूपी रेड्डी, स्टेट कमेटी मेंबर विजय रेड्डी की पत्नी थी। विजय रेड्डी पहले ही राजनांदगांव और मोहला-मानपुर-चौकी क्षेत्र में हुई मुठभेड़ में मारा जा चुका है।बताया जा रहा है कि रूपी रेड्डी ही उत्तर बस्तर क्षेत्र में नक्सलियों को सरेंडर करने से रोक रही थी।
नक्सलवाद पर सरकार का रुख
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही कह चुके हैं कि देश में नक्सलवाद पर काफी हद तक नियंत्रण पा लिया गया है और इसके खात्मे की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।हालांकि, बस्तर जैसे इलाकों में अभी भी सुरक्षा बल लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं।
