पिछले तीन महीनों में 7+ तीव्रता के चार भूकंप

रूस के कामचटका में बड़ा भूकंप: सुनामी की चेतावनी जारी
रूस के कामचटका क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 7.8 तीव्रता का जोरदार भूकंप आया, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद 5.8 तीव्रता के पांच आफ्टरशॉक्स भी महसूस किए गए, जिससे स्थानीय लोग खौफ में आ गए। भूकंप के बाद तटीय क्षेत्रों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई, और 30 से 62 सेंटीमीटर ऊंची लहरें भी देखी गईं।
कामचटका का भूकंपीय क्षेत्र: एक ऐतिहासिक संकट
कामचटका क्षेत्र प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर का हिस्सा है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक माना जाता है। यह क्षेत्र पहले भी भूकंपों के लिए जाना जाता रहा है, लेकिन शुक्रवार को आया यह भूकंप पिछले कुछ महीनों की घटनाओं में सबसे शक्तिशाली था।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, यह भूकंप पेट्रोपावलोव्स्क-कामचत्स्की से 128 किलोमीटर दूर और 10 किलोमीटर की गहराई पर आया। प्रारंभ में इसकी तीव्रता 7.8 मापी गई, लेकिन बाद में इसे 7.4 तक घटा दिया गया।
सुनामी का अलर्ट और आफ्टरशॉक्स
भूकंप के बाद कुरिल द्वीप और अन्य तटीय इलाकों में सुनामी का खतरा बढ़ गया। कामचटका के गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने सार्वजनिक रूप से जानकारी दी कि सभी आपातकालीन सेवाएं हाई अलर्ट पर हैं, लेकिन अभी तक किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं आई है।
गवर्नर ने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में कहा, “हमारे लिए एक कठिन दिन है, लेकिन हम सभी से शांति बनाए रखने की अपील करते हैं। सभी नागरिकों को सतर्क किया जा रहा है।” इसके अलावा, रिहायशी इलाकों और सार्वजनिक भवनों में नुकसान की जांच की जा रही है।
सामाजिक मीडिया पर भूकंप की भयावह तस्वीरें
भूकंप के बाद सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तस्वीरों और वीडियो में घर के फर्नीचर और लाइटें हिलती हुई नजर आईं। कुछ स्थानों पर सड़कों पर खड़ी गाड़ियां भी हिलते हुए दिखाई दीं। साथ ही, एयरपोर्ट पर चेक-इन काउंटर भी झूलते हुए दिखे, जिससे वहां के कर्मचारियों और यात्रियों में खौफ फैल गया।
कामचटका में पिछले कुछ महीनों में बढ़ी भूकंपीय गतिविधि
कामचटका में यह भूकंप तीसरी बार हुआ है जब पिछले कुछ महीनों में 7.0 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप दर्ज किए गए हैं। इसके पहले 13 सितंबर को 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था और 30 जुलाई को 8.8 तीव्रता का विनाशकारी भूकंप भी आया था, जिसने कई देशों को प्रभावित किया था।

इस साल कामचटका क्षेत्र में 1200 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश छोटे भूकंप थे (मैग्नीट्यूड 2.0 से 4.0 के बीच)। हालांकि, 7.0 या उससे ऊपर के चार बड़े भूकंप भी दर्ज किए गए हैं।
सुनामी की चेतावनी: व्यापक प्रभाव
अमेरिकी नेशनल वेदर सर्विस और पैसिफिक सुनामी चेतावनी केंद्र ने शुरुआती तौर पर अलास्का के कुछ हिस्सों के लिए सुनामी की सलाह जारी की थी, लेकिन बाद में उसे हटा लिया गया। हालांकि, कामचटका और कुरिल द्वीप समूह में अभी भी खतरा बना हुआ है और स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।
कामचटका: रिंग ऑफ फायर का सक्रिय इलाका
कामचटका को रिंग ऑफ फायर का हिस्सा माना जाता है, जहां पृथ्वी की प्लेटें आपस में टकराती हैं, जिससे भूकंप, ज्वालामुखी और सुनामी जैसी घटनाएँ होती हैं। इस क्षेत्र में भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियाँ सामान्य हैं, लेकिन इस बार की घटना ने गंभीर खतरे की घंटी बजा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यहां भूकंप की गतिविधियों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।
भूकंपों के बढ़ते खतरे
कामचटका में लगातार बढ़ती भूकंपीय गतिविधियां चिंता का कारण बन गई हैं। खासतौर पर 2025 में इस क्षेत्र में आए सबसे बड़े भूकंप और उसके बाद की सुनामी की चेतावनियों ने कई देशों को सचेत किया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में भूकंप के और बड़े झटके आ सकते हैं, जिसके लिए स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को पूरी तैयारी रखनी होगी।
दुनियाभर में बढ़ी भूकंपीय गतिविधियां
संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2025 से 13 सितंबर 2025 तक दुनियाभर में 1,10,000 से अधिक भूकंप दर्ज किए गए हैं, जो यह दर्शाता है कि भूकंपीय गतिविधियों में वृद्धि हो रही है।
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