सुप्रीम कोर्ट ने कहा- “भीड़ के दबाव में निर्णय नहीं हो सकते”
kama haasan thug -life film ban karnataka supreme court : अभिनेता कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ को लेकर कर्नाटक में मचा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुँच गया है। कमल हासन द्वारा कन्नड़ भाषा को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद, कर्नाटक फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स (KFCC) ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को कड़ी फटकार लगाई है।
🕵️♂️ कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ पर कर्नाटक में विवाद
24 मई 2025 को चेन्नई में ‘ठग लाइफ’ के ऑडियो लॉन्च इवेंट के दौरान कमल हासन ने कहा था कि “कन्नड़ भाषा तमिल से उत्पन्न हुई है।” इस बयान के बाद कर्नाटक में हासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कर्नाटक फिल्म चेंबर ऑफ कॉमर्स ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने की मांग की थी, जब तक हासन माफी नहीं मांगते।
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कर्नाटक सरकार को नोटिस जारी किया और कहा कि “किसी को भी फिल्म देखने से रोकने के लिए बंदूक तानकर दबाव नहीं बनाया जा सकता।” कोर्ट ने यह भी कहा कि “किसी को भी अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।” अगली सुनवाई 19 जून 2025 को निर्धारित की गई है।
🎬 फिल्म की स्थिति
‘ठग लाइफ’ फिल्म 5 जून 2025 को देशभर में रिलीज़ हुई थी, लेकिन कर्नाटक में इसे रिलीज़ नहीं किया गया। फिल्म के निर्माता, राजकमल फिल्म्स इंटरनेशनल, ने कर्नाटक हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें फिल्म की रिलीज़ की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, कर्नाटक हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज़ पर रोक लगाने का आदेश दिया था।
📈 बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन
फिल्म की रिलीज़ में देरी और कर्नाटक में प्रतिबंध के कारण, फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है। फिल्म की कमाई 50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने में संघर्ष कर रही है। निर्माता और निर्देशक मणि रत्नम के बावजूद, फिल्म को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है।
kama haasan thug -life film ban karnataka supreme court : जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर ‘#IStandWithKamalHaasan’ हैशटैग ट्रेंड कर रहा है, जिसमें कई लोग हासन के समर्थन में ट्वीट कर रहे हैं। वहीं, कर्नाटक में कुछ समूह उनकी टिप्पणी को अपमानजनक मानते हुए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
कमल हासन की फिल्म ‘ठग लाइफ’ पर कर्नाटक में मचा विवाद अब कानूनी मोड़ ले चुका है। सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी से यह स्पष्ट है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और फिल्म निर्माताओं के अधिकारों की रक्षा की जाएगी। हालांकि, कर्नाटक सरकार को इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
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