kainchi dham nainital 2025 decoration : दुल्हन की तरह सजा कैंची धाम: 15 जून को मनेगा स्थापना दिवस
kainchi dham nainital 2025 decoration : नैनीताल (उत्तराखंड) – आध्यात्मिक आस्था और चमत्कारों का प्रतीक कैंची धाम एक बार फिर सज गया है। बाबा नीम करौली महाराज द्वारा स्थापित यह मंदिर इन दिनों फूलों की मालाओं और रंग-बिरंगी लाइटों से जगमगाया हुआ है। हर ओर भक्ति का उजाला और भक्तों की भीड़ इस पावन स्थल को एक दिव्य रूप दे रही है।
15 जून 2025 को स्थापना दिवस के अवसर पर यहां विशेष पूजा-अर्चना, भंडारे और मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
कैंची धाम: दो पहाड़ियों के बीच बसी अध्यात्म की दुनिया
उत्तराखंड के नैनीताल ज़िले के भवाली क्षेत्र में स्थित यह आश्रम दुनिया भर के श्रद्धालुओं के लिए एक आध्यात्मिक केंद्र बन चुका है। यह धाम दो पहाड़ियों के बीच स्थित है जो देखने में कैंची (Scissors) की आकृति जैसी प्रतीत होती है, इसलिए इसका नाम पड़ा “कैंची धाम”।
🙏 बाबा नीम करौली महाराज: हनुमान जी के अवतार माने जाते हैं
बाबा नीम करौली महाराज को उनके भक्त हनुमान जी का अवतार मानते हैं। कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवन में कई चमत्कार किए, जिन्हें अनुभव करने के लिए देश-विदेश से लोग यहां आते हैं।
यहां आने वाले कई भक्तों को मानसिक शांति, आध्यात्मिक बल और जीवन की समस्याओं से मुक्ति मिलती है। बाबा की भक्ति में डूबे इस स्थान का वातावरण ही ऊर्जा से भरपूर है।
📜 इतिहास: कब और कैसे हुआ कैंची धाम का निर्माण?
- 1961 में बाबा नीम करौली पहली बार इस स्थान पर आए थे।
- 15 जून 1964 को उन्होंने अपने सहयोगी पूर्णानंद जी महाराज के साथ मिलकर यहां हनुमान जी की प्रतिमा की स्थापना की।
- उसी दिन से हर साल स्थापना दिवस पर विशेष पूजा और भंडारे का आयोजन होता है।
🎉 स्थापना दिवस 2025 की तैयारियां जोरों पर
इस बार 15 जून को होने वाले स्थापना दिवस के लिए कैंची धाम को फूलों की मालाओं, रंगीन लाइटों और धार्मिक झंडियों से सजाया गया है।

रात में यह मंदिर इतना जगमगाता है कि मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। मंदिर परिसर में सीसीटीवी, सुरक्षा कर्मी, मेडिकल टीम और ट्रैफिक व्यवस्था के खास इंतजाम किए गए हैं।
🌍 विदेशी भक्त भी बाबा के दीवाने
कैंची धाम की लोकप्रियता सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है।
Apple के संस्थापक स्टीव जॉब्स और Facebook के CEO मार्क जुकरबर्ग जैसे दिग्गज भी बाबा की कृपा अनुभव करने यहां आ चुके हैं।स्टीव जॉब्स ने 1970 के दशक में भारत यात्रा के दौरान कैंची धाम में समय बिताया था।
मार्क जुकरबर्ग ने एक बार कहा था कि स्टीव जॉब्स ने उन्हें कैंची धाम जाने की सलाह दी थी जब वो जीवन में भटक गए थे।
📸 धार्मिक अनुभव और प्राकृतिक सौंदर्य का संगम
कैंची धाम ना केवल एक आध्यात्मिक केंद्र है, बल्कि यह अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए भी प्रसिद्ध है।
यहां का शांत वातावरण, कल-कल करती नदी, हरे-भरे जंगल, और दो पहाड़ियों के बीच स्थित मंदिर एक अद्वितीय अनुभव प्रदान करते हैं।
यह स्थान हर उस व्यक्ति को आकर्षित करता है जो जीवन में शांति, उत्तर और ईश्वर की खोज में है।
🍛 15 जून को होगा भव्य भंडारा और मेला
स्थापना दिवस पर यहां एक भव्य भंडारा आयोजित किया जाएगा जिसमें लाखों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक झांकियां, कीर्तन, यज्ञ, और भजन संध्या का आयोजन होगा।
यह मेला केवल पूजा का आयोजन नहीं बल्कि भक्ति, सेवा और सामूहिक ऊर्जा का उत्सव होता है।
🧘♂️ भक्तिभाव और श्रद्धा से भरा कैंची धाम
कैंची धाम सिर्फ एक मंदिर नहीं, भक्तों के दिल की धड़कन है। बाबा नीम करौली महाराज की स्मृति, उनका संदेश और उनकी भक्ति इस स्थान को दुनिया के हर कोने में एक पहचान दिलाते हैं।
15 जून का दिन यहां हर साल सिर्फ एक धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि ईश्वर भक्ति, मानवता, सेवा और प्रेम का पर्व बन जाता है।
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