Kailash Mansarovar Yatra 2025 Route Cost Registration Guide : सिर्फ 22 दिन में शिवलोक का दर्शन! जानिए पूरी यात्रा, खर्च और वैज्ञानिक चमत्कार
Kailash Mansarovar Yatra 2025 Route Cost Registration Guide : कैलाश मानसरोवर यात्रा 2025 की शुरुआत 30 जून से होने जा रही है। यह यात्रा करीब पांच साल बाद पुनः शुरू हो रही है, और इस बार कुल 250 भक्तों को ही यात्रा पर जाने की अनुमति मिली है। यात्रा का प्रमुख मार्ग उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले के लिपुलेख दर्रे से होकर होगा। कुमाऊं मंडल विकास निगम (KMVN) इस यात्रा का संचालन करेगा।
🛤️ यात्रा मार्ग और अवधि
-
प्रमुख मार्ग: लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड)
-
यात्रा अवधि: 22 दिन
-
प्रस्थान: 30 जून 2025 को दिल्ली से
-
वापसी: 22 अगस्त 2025 को दिल्ली में
💰 यात्रा शुल्क और भुगतान विवरण
कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने के इच्छुक यात्रियों को लगभग ₹1.96 लाख खर्च करने पड़ेंगे। यह शुल्क विभिन्न मदों में बांटा गया है:
-
KMVN शुल्क: ₹32,000
-
स्वास्थ्य परीक्षण शुल्क (दिल्ली): ₹3,100
-
स्ट्रेस इको जांच: ₹2,500
-
चीन वीजा शुल्क: ₹2,400
-
भारतीय सीमा शुल्क (कुली, टट्टू आदि): ₹28,000
-
तिब्बत में खर्च (परिवहन, रुकने, प्रवेश टिकट आदि): $950 (लगभग ₹81,000)
-
कुल अनुमानित खर्च: ₹1,96,000

📄 आवश्यक दस्तावेज़
यात्रा के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ अनिवार्य हैं:
-
पासपोर्ट (कम से कम 6 महीने वैध)
-
चीन वीजा (समूह वीजा आवश्यक)
-
स्वास्थ्य प्रमाणपत्र (दिल्ली में परीक्षण के बाद)
-
पते का प्रमाण (जैसे आधार कार्ड)
-
पासपोर्ट साइज फोटो
🧭 यात्रा के प्रमुख स्थल
-
ओम पर्वत: प्राकृतिक रूप से ओम के आकार का पर्वत, जो आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है।
-
नाभीढांग: कैलाश पर्वत की परिक्रमा मार्ग का प्रमुख स्थल।
-
कैलाश पर्वत: भगवान शिव का निवास स्थान, जिसे ब्रह्मांड का केंद्र माना जाता है।
-
मानसरोवर झील: पवित्र जल स्रोत, जिसे ब्रह्मा के मन से निर्मित माना जाता है।
📝 यात्रा के लिए पंजीकरण कैसे करें?
यात्रा के लिए पंजीकरण निम्नलिखित वेबसाइटों के माध्यम से किया जा सकता है:
इन वेबसाइटों पर यात्रा पैकेज, शुल्क विवरण और पंजीकरण प्रक्रिया की जानकारी उपलब्ध है।
📍 यात्रा मार्ग और समय सारणी
-
दिल्ली से प्रस्थान: 30 जून 2025 को
-
टनकपुर, उत्तराखंड: पहुँचने के बाद एक रात विश्राम
-
धारचूला: एक रात विश्राम
-
गुंजी और नाभीढांग: प्रत्येक स्थान पर दो-दो रात विश्राम
-
तकलाकोट, तिब्बत: प्रवेश और यात्रा की शुरुआत
-
कैलाश पर्वत की परिक्रमा: 52 किमी की परिक्रमा, लगभग 2-3 दिन का समय
-
वापसी यात्रा: 22 अगस्त 2025 को दिल्ली में आगमन
🧘♂️ आध्यात्मिक और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
-
धार्मिक मान्यता: कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है।
-
वैज्ञानिक दृष्टिकोण: यह क्षेत्र चुंबकीय शक्तियों से भरपूर है, और यहां ओम की ध्वनि सुनाई देती है।
-
सांस्कृतिक महत्व: यह स्थल हिंदू, बौद्ध और जैन धर्मों के लिए समान रूप से पवित्र है।
Raed More:- अब चैटजीपीटी से सीधे खरीदारी: शॉपिफाई के साथ नया इंटीग्रेश
Click this:- Download Our News App For Latest Update and “Follow” whatsapp channel
Watch Now:-Expose हुआ हवस का पर्चेबाज़ बाबा ! देखे NATION MIRROR की पूरी रिपोर्ट
