500‑500 के जले नोटों से जस्टिस वर्मा की फायरहाउस ड्रामा?
दिल्ली के जस्टिस वर्मा के घर मिली 500-500 रुपये की जलती हुई नोटों की बंडल, जिसने पूरे सिस्टम को हिला दिया। इसके बाद, चीफ जस्टिस बी॰आर॰ गवई ने मंगलवार (23 जुलाई 2025) को खुद को सुनवाई से हटाकर नई विशेष बेंच गठित करने का ऐलान कर दिया

मामला क्या है?
14 मार्च 2025 की घटना: जस्टिस वर्मा के दिल्ली वाले सरकारी आवास में लगी आग के बाद बाहरी हिस्से (एक स्टोररूम) में जलते‑जलते 500-500 के नोटों के बंडल बरामद हुए
22 मार्च 2025 को तत्कालीन CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में एक इन‑हाउस जांच कमेटी बनी, जिसमें पंजाब, हिमाचल, कर्नाटक के तीन वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल थे कमेटी ने 55 गवाह, CCTV, इलेक्ट्रॉनिक तथा फिजिकल सबूतों के आधार पर जांच की और पाया—जला हुआ पैसा स्टोररूम में था, और इसके हटाए जाने में स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध रही
जस्टिस वर्मा का पलटवार
जस्टिस वर्मा ने SC में ‘XXX बनाम भारत सरकार’ शीर्षक से याचिका डाली, जिसमें उन्होंने:
- कहा—घटना के सबूत इतने कमजोर हैं कि यह केवल अनुमान पर आधारित है
मौजूदा स्थिति
23 जुलाई 2025: CJI गवई ने खुद को केस से अलग कर दिया और विशेष पीठ गठित करने का ऐलान संसद में महाभियोग की प्रक्रिया शुरू – लोकसभा में 100+ सांसदों ने मुहर लगाई, RS में 50+ सांसद समर्थक हैं

जानिए क्यों बन सकता है यह मिसाल?
- पहली बार ध्रुवीकरण: अदालत के जुडिशियल सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही की अहम परीक्षा
- रीडिफाइनिंग प्रोसिजर: क्या इन‑हाउस जांच संवैधानिक ढांचे से मेल खाती है, जब पद हटाने जैसा कदम विषय‑वस्तु हो?
- मीडिया ट्रायल बनाम साधारण प्रक्रिया: लीक रिपोर्ट्स ने न्याय व्यवस्था और प्राइवेसी के दिव्य संतुलन को चुनौती दी।
