John Abraham Birthday: बॉलीवुड के जाने -माने एक्टर जॉन अब्राहम का आज 53वां जन्मदिन है। एक्टर का जन्म 17 दिसंबर 1972 को केरल के कोच्चि में मेडल क्लास परिवार में हुआ, लेकिन उनका पालन-पोषण मुंबई में हुआ। उन्होंने पहली जॉब महज 6500 रुपये में की। फिर उन्होंने बतौर मीडिया प्लानर काम किया। उनका लुक इतना अट्रैक्टिव था, कि उनके ही बॉस ने कहा तुम्हे मॉडलिंग में ट्राई करना चाहिए और बस वहीं से एक्टर की जिंदगी बदल गई।
बता दें कि, एक्टर ने मुंबई के बॉम्बे स्कॉटिश स्कूल से पढ़ाई की और जय हिंद कॉलेज से इकोनॉमिक्स (अर्थशास्त्र) में ग्रेजुएशन के बाद, मुंबई एजुकेशनल ट्रस्ट (MET) से MBA (एमएमएस) की डिग्री हासिल की।
मॉडलिंग की दुनिया में रखा कदम
साल 1999 में जॉन ने अपने मॉडलिंग की शुरुआत की , उन्होंने ग्लैडरेग्स मैनहंट कम्पटीशन में जीत दर्ज की फिर इंटरनेशनल कंपटीशन में शानदर प्रदर्शन किया। फिर ‘झंझर’ , पंजाबी सिंगर जैजी बी के ‘सुरमा’ जैसे म्यूजिक वीडियो और एड्स में काम किया।

2003 में किया फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू
रिपोर्ट के अनुसार, एक्टर को करण जौहर ने ‘कभी खुशी कभी गम’ फिल्म का ऑफर दिया था, लेकिन तब एक्टर ने इस फिल्म को करने से मना कर दिया था, मना करने की वजह फिल्म में उन्हें सिर्फ 4-6 सीन ही दिए जा रहे थे, इसलिए उन्होंने मना कर दिया था, अगर जॉन इस फिल्म में काम करते तो वो रॉकी के रुप में नजर आते।
लेकिन फिर साल 2003 में महेश भट्ट के डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘जिस्म’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। इस फिल्म में बिपाशा के साथ बोल्ड सीन करने पर काफी पॉपुलैरिटी मिली, इस फिल्म के बाद एक्टर को बेस्ट मेल डेब्यू कैटेगरी के लिए नॉमिनेट किया गया था।

फिर जॉन की कई फिल्में फ्लॉप रही लेकिन वो युवाओं के लिए एक फिटनेस मॉडल के रुप में मशहूर हैं।
इस फिल्म से बदली किसमत
जॉन अब्रहम ने जब अक्षय कुमार के साथ काम करना शुरु किया तो उनकी किसमत बदल गई दोनों की जोड़ी को लोगों ने खूब प्यार दिया। ये जोड़ी काफी फेमस हो गई। जॉन ने अक्षय के साथ फिल्म ‘गरम मसाला’ और ‘देसी बॉयज’ , हाउस फुल 2 जैसी फिल्मों में नजर आएं।

प्रोड्यूसर भी बने एक्टर
एक्टर की फिल्मे फ्लॉप हो रही थी, उन्हें एक्टिंग करने से मजा नहीं आ रहा था तो उन्होंने प्रोड्यूसर बनना तय किया एक पॉडकॉस्ट के दौरन उन्होंने बताया कि उन्होंने एक्टिंग को छोड़ प्रड्यूसर क्यो बने उन्होंने कहा कि-
“जो फिल्में मैं कर रहा था, उनसे मैं खुश नहीं था। मैं बदलाव चाहता था। मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ आया। लोग मुझे सिर्फ एक भारी-भरकम आदमी से ज्यादा समझने लगे। उन्होंने देखा कि मेरे पास दिमाग भी है और मैं अलग-अलग तरह की फिल्में बना सकता हूं, जैसे विक्की डोनर, परमाणु, बाटला हाउस।”

उन्होंने कहा कि-
“मैं इस बदलाव से खुश था। मैं कभी असुरक्षित महसूस नहीं करता। परमाणु से पहले मैंने चार साल तक कोई काम नहीं किया। इस दौरान कई नए लोग इंडस्ट्री में आ गए और मुझे कहा गया कि मैं खत्म हो गया हूं, लेकिन मैंने कभी मेहनत करना नहीं छोड़ा। मेरा मानना है कि आप बस मेहनत करते रहो, लोग आपकी ईमानदारी को जरूर देखेंगे।”
