Jodhpur warehouse fire: जोधपुर के लाल पुलिया इलाके में गुरुवार रात लगभग 8:30 बजे रंगसागर के एक कलर गोदाम में आग लग गई। यह हादसा इतना भयंकर था कि आसपास के घनी आबादी वाले इलाके में लोग दहशत में आ गए। विस्फोटक केमिकल से भरी तीन मंजिला बिल्डिंग में आग और धमाके रातभर जारी रहे। स्थानीय लोगों के अनुसार, मिनटों में आग पूरी बिल्डिंग में फैल गई और धमाके के कारण इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया।
आग की भयावहता
बिल्डिंग के आसपास रहने वाले लोग घबराकर अपनी गाड़ियों में बैठकर भागते नजर आए। घटना के दौरान पास के नेचुरोपैथी सेंटर को खाली कराना पड़ा। लोग रातभर डर के कारण अपने घरों में बंद रहे। आग की लपटें इतनी ऊँची थीं कि शहर के कई हिस्सों से दिखाई दे रही थीं।
चौपासनी रोड पर स्थित इस गोदाम में हजारों की संख्या में पेंट के डिब्बे, थिनर और स्प्रिट जैसे ज्वलनशील केमिकल रखे हुए थे। शुरुआती जानकारी के अनुसार, गोदाम में दो-तीन करोड़ रुपए का स्टॉक था। ये ज्वलनशील पदार्थ आग की सबसे बड़ी वजह बने।

फायर ब्रिगेड और एयरफोर्स की मदद से काबू
जोधपुर फायर ब्रिगेड और एयरफोर्स की टीमों ने आग पर काबू पाने के लिए रातभर प्रयास किया। कुल 12 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने करीब 200 से ज्यादा चक्कर लगाकर आग बुझाने का प्रयास किया।
जहां आग लगी, वहां से लगभग 100 मीटर दूर एक टैंकर में भी ज्वलनशील केमिकल भरा हुआ था। इसे देखते हुए फायर ब्रिगेड ने अतिरिक्त सावधानी बरती। फायर टीम ने पानी और भारी मात्रा में फोम का इस्तेमाल किया, तभी जाकर आग पर काबू पाया जा सका।
सीएफओ चौहान ने बताया कि यह गोदाम अत्यंत ज्वलनशील पदार्थों से भरा हुआ था, इसलिए आग को नियंत्रित करना चुनौतीपूर्ण था। स्काई लैडर से भास्कर टीम ने आग की स्थिति का आकलन किया और फायर ब्रिगेड को मार्गदर्शन दिया।

Jodhpur warehouse fire:आग बुझाने में दिक्कत
रंगसागर बिल्डिंग के पिछले हिस्से में नाला था, जिससे उठती आग की लपटों को बुझाना फायर ब्रिगेड के लिए मुश्किल रहा। दूसरी मंजिल पर रखे पेंट, थिनर और स्प्रिट के डिब्बों में लगातार धमाके होते रहे। आग फैलने की गति इतनी तेज थी कि आसपास के घरों और दुकानों को सुरक्षित करने के लिए अतिरिक्त उपाय किए गए।
स्थानीय लोगों ने बताया कि दिवाली के सीजन के चलते गोदाम में स्टॉक सामान्य से अधिक रखा गया था। यही कारण था कि आग इतनी भयानक रूप ले गई।

दो-तीन करोड़ का नुकसान
प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, गोदाम में रखे स्टॉक का दो-तीन करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। हालांकि अभी तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
