Jharkhand politics: असम विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने ‘झारखंडी अस्मिता’ और आदिवासी अधिकारों को प्रमुख मुद्दा बनाते हुए चुनावी मैदान में ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में गुरुवार को सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पार्टी प्रत्याशी साहिल मुंडा के पक्ष में माहौल बनाने की कोशिश की।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, भारी भीड़ के बीच सीएम सोरेन ने मुंडा को क्षेत्र की नई उम्मीद बताते हुए कहा कि उनका राजनीति में आना केवल सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि समाज में व्यापक बदलाव लाने का प्रयास है। उन्होंने विरोधी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि स्थानीय आवाज को मजबूत करने के लिए सही प्रतिनिधि को विधानसभा में भेजा जाए।
सीएम सोरेन ने युवाओं को किया संबोधित

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने युवाओं को खास तौर पर संबोधित किया। उन्होंने कहा कि साहिल मुंडा न सिर्फ संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत कर रहे हैं, बल्कि युवाओं को नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार करने का काम भी कर रहे हैं। आगे उन्होंने जोर देते हुए कहा कि असम में झारखंडी समाज और आदिवासी समुदाय के अधिकारों की रक्षा के लिए JMM एक मजबूत विकल्प बनकर उभर रही है।
गोसाईंगांव में भी JMM के पक्ष में बनाया माहौल
वहीं, गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक अन्य जनसभा में गांडेय विधायक कल्पना सोरेन ने पार्टी प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा के समर्थन में लोगों से वोट की अपील की। कल्पना ने कहा कि यह चुनाव केवल सरकार चुनने का नहीं, बल्कि इतिहास रचने का अवसर है। उन्होंने दावा किया कि असम की जनता अब बदलाव चाहती है और JMM इस बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
चाय बागान मजदूरों के हक की लड़ाई
कल्पना सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि असम के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों को उनके अधिकार दिलाने के लिए JMM प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पार्टी आने वाले समय में भी आदिवासी और श्रमिक वर्ग के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रहेगी। इस दौरान सांसद जोबा माझी और विधायक सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से JMM प्रत्याशी को भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।
