Jharkhand political updates: असम चुनावी व्यस्तताओं से लौटते ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। विधानसभा के बजट सत्र (18 मार्च 2026) में की गई घोषणाओं को अमलीजामा पहनाने के लिए झारखण्सड की रकार ने तेज कदम उठाए हैं। मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की अपर मुख्य सचिव वंदना दादेल ने सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी करते हुए समयबद्ध कार्यान्वयन सुनिश्चित करने को कहा है। प्रदेश सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 16 अप्रैल तक हर हाल में प्रगति रिपोर्ट जमा करनी होगी।

महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए बनायीं गयीं नई योजनाएं
बताते चलें कि मुख्यमंत्री सोरेन ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए ‘मंईयां बलवान’ और ‘मंईयां उद्यमी’ योजनाओं की घोषणा की है। इन योजनाओं के तहत महिलाओं को स्वरोजगार के लिए ₹5 करोड़ तक का आसान ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। झारखण्ड सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा और उनकी आर्थिक भागीदारी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के खुले अवसर
झारखंड के युवाओं को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सरकार जर्मनी और यूनाइटेड किंगडम (UK) के साथ ‘नॉलेज कॉरिडोर’ विकसित करने जा रही है। इस पहल के जरिए छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण का लाभ मिलेगा। इसके अलावा, ‘मरांग गोमके’ और ‘दिशोम गुरुजी’ के नाम पर नई डॉक्टोरल स्कॉलरशिप भी शुरू की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।

आर्थिक विकास को गति देने के लिए नए बोर्ड का गठन
औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ‘झारखंड स्टेट इकोनॉमिक डेवलपमेंट बोर्ड’ का गठन करने जा रही है। सिंगल विंडो सिस्टम को और मजबूत करते हुए निवेशकों को सरल और पारदर्शी प्रक्रियाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सरकार का लक्ष्य झारखंड को क्रिटिकल मिनरल्स और ग्रीन एनर्जी के क्षेत्र में अग्रणी बनाना है। साथ ही, राज्य को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ‘एआई (AI) हब’ के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है।
16 अप्रैल तक की डेडलाइन तय, अधिकारियों पर सख्ती
मंत्रिमंडल सचिवालय ने सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 18 मार्च के मुख्यमंत्री संबोधन का गहन अध्ययन करें और उससे जुड़ी योजनाओं पर तत्काल कार्रवाई शुरू करें। 16 अप्रैल 2026 तक सभी विभागों को अपनी विस्तृत प्रगति रिपोर्ट सौंपनी होगी। सरकार ने चेतावनी दी है कि समयसीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
