Jharkhand CM news: झारखंड में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आवास के निर्माण को लेकर शुक्रवार को शुरू हुए सियासी घमासान ने शनिवार को तूल पकड़ लिया है. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा लगाए गए आरोपों पर झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने कड़ा पलटवार करते हुए उन्हें पूरी तरह ‘निराधार’ और ‘भ्रामक’ करार दिया है. कांग्रेस के अनुसार, भाजपा जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश कर रही है, जबकि मुख्यमंत्री आवास का निर्माण प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है.
मुख्य प्रवक्ता शाहदेव ने आरोप किये खारिज
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता लाल किशोर नाथ शाहदेव ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री आवास किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि एक सरकारी संस्थान है. बयानों को जारी रखते हुए उन्होनें कहा कि जो नया आवास बन रहा है, वह भविष्य की प्रशासनिक जरूरतों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, तथा भाजपा जिस “शीशमहल” के बनाये जाने का आरोप लगा रही है, वह दरअसल राज्य की गरिमा और प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा है.

सेंट्रल विस्टा परियोजना पर भाजपा चुप क्यों?
कांग्रेस प्रवक्ता शाहदेव ने भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया. उन्होंने पूछा कि भाजपा आज 100 करोड़ रुपये के खर्च पर सवाल उठा रही है, लेकिन प्रधानमंत्री के लिए हजारों करोड़ रुपये की लागत से बन रहे सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट और आलीशान विमानों पर चुप्पी क्यों साधे हुए है? उन्होंने कहा कि भाजपा अपनी राजनीतिक जमीन खोने के बाद अब झूठे आरोपों के जरिए माहौल बनाने की कोशिश कर रही है.
शुक्रवार को शुरू हुआ था बवाल
बता दें कि शुक्रवार को रांची स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गंभीर आरोप लगाए थे. कांफ्रेंस में उन्होंने कहा था कि झारखंड जैसे गरीब राज्य में, जहां लोग आज भी रोजी-रोटी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहां मुख्यमंत्री के लिए करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से नया आवास बनाना कई सवाल खड़े करता है.

निर्माण लागत और सुविधाओं को लेकर छिड़ा विवाद
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कैबिनेट दस्तावेजों के अनुसार मुख्यमंत्री आवास के मुख्य भवन के निर्माण पर लगभग 47.80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जबकि अन्य खर्चों को जोड़ने पर यह राशि करीब 69 करोड़ रुपये तक पहुंचती है. आगे उन्होंने कहा कि निर्माण लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक वृद्धि की संभावना भी जताई गई है, जिससे कुल खर्च लगभग 100 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है. भाजपा ने यह भी दावा किया कि नए आवास परिसर में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से फव्वारा, ढाई करोड़ रुपये से अधिक की लैंडस्केपिंग, स्विमिंग पूल, जैकूजी और अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी प्रावधान किया गया है.
