Jharkhand CM Hemant Soren News: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने 7 मई 2025 को सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल क्षेत्र अंतर्गत चिलगू-चाकुलिया में झारखंड आंदोलनकारी और सामाजिक कार्यकर्ता कपूर कुमार टुडू (कपूर बागी जी) के पैतृक आवास पर पहुंचकर उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने दिवंगत के पार्थिव शरीर पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिवार को यह दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री अंतिम यात्रा और अंत्येष्टि कार्यक्रम में भी शामिल हुए।
CM सोरेन ने दी श्रद्धांजलि
कपूर कुमार टुडू का निधन 6 मई 2025 को हुआ था। वे रिश्ते में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के फुफेरे भाई थे। उनके परिवार में मां श्रीमती सुखी टुडू, पत्नी श्रीमती सुकुरमनी टुडू, दो पुत्र और एक पुत्री हैं। कपूर टुडू अपनी सादगी, सरलता और सामाजिक कार्यों के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। उनका जीवन सामाजिक सरोकार और आम लोगों की सेवा को समर्पित रहा। झारखंड अलग राज्य आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका थी, जिसने उन्हें जन-जन के बीच सम्मानित व्यक्तित्व बनाया।
Jharkhand CM Hemant Soren News: झारखंड आंदोलन में उनका योगदान
मुख्यमंत्री ने कपूर टुडू के निधन को न केवल व्यक्तिगत और पारिवारिक क्षति बताया, बल्कि इसे पूरे झारखंड के लिए अपूरणीय हानि करार दिया। उन्होंने कहा, “कपूर टुडू जी मेरे लिए एक भाई और दोस्त थे। झारखंड आंदोलन में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने अपने पूरे जीवन में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में लोगों की समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत दुख के साथ-साथ राज्य के लिए भी एक बड़ी क्षति है।” मुख्यमंत्री ने अश्रुपूर्ण नमन के साथ उनकी स्मृति को नमन किया।
अलग राज्य के लिए किया संघर्ष
कपूर टुडू का झारखंड आंदोलन में योगदान ऐतिहासिक रहा। उन्होंने न केवल अलग राज्य के लिए संघर्ष किया, बल्कि सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए भी काम किया। उनकी सादगी और जनसेवा की भावना ने उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाया। उनके निधन से क्षेत्र में शोक की लहर है, और लोग उनके योगदान को याद कर रहे हैं।
सरकार उनके परिवार के साथ
मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ है। कपूर टुडू के निधन ने झारखंड के सामाजिक और राजनीतिक इतिहास में एक शून्य पैदा किया है, जिसे भरना मुश्किल है। उनके आदर्श और कार्य हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। यह घटना न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे झारखंड के लिए एक बड़ी क्षति है
