शराब नीति में बड़ा नीतिगत बदलाव
Jharkhand Cabinet Decisions 2025: झारखंड कैबिनेट की बैठक में नई उत्पाद (मदिरा) नीति को मंजूरी दी गई है। इस नीति के तहत अब राज्य में शराब की खुदरा बिक्री निजी हाथों में होगी, जबकि होलसेल वितरण की जिम्मेदारी झारखंड राज्य उत्पाद निगम (JSBCL) के पास रहेगी। राज्य की 1,453 शराब दुकानों का आवंटन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा, जो एक महीने के भीतर लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस कदम से शराब व्यवस्था में पारदर्शिता और नियंत्रण आएगा।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य योजना का विस्तार
70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को अब आयुष्मान वय वंदना योजना के तहत लाभ मिलेगा। इस योजना को आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा गया है, जिससे बुजुर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। सरकार का यह कदम वृद्धजनों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा।
शिक्षा क्षेत्र में सुधार के प्रयास
कैबिनेट ने झारखंड प्रोफेशनल एजुकेशनल इंस्टीट्यूशंस (फीस का नियमन) बिल, 2025 को मंजूरी दी है। इससे निजी शिक्षण संस्थानों की मनमानी फीस पर लगाम लगेगी। साथ ही, माध्यमिक विद्यालयों (कक्षा 9 से 12) के हेडमास्टर, आचार्य और शिक्षकेत्तर कर्मियों की नियुक्ति और सेवा शर्तों को लेकर नियमावली भी पारित की गई है।
बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर
बैठक में मधुपुर शहरी जलापूर्ति योजना के लिए 76.63 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही, विश्व बैंक द्वारा समर्थित झारखंड म्युनिसिपल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट (JMDP) के तहत 10.70 करोड़ रुपये की प्रशासनिक मंजूरी भी दी गई है। इसके अतिरिक्त, गिरिडीह जिले में पथ निर्माण कार्य के लिए 55 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं के रखरखाव को मिली प्राथमिकता
शेख भिखारी (हजारीबाग), फूलो-झानो (दुमका) और मेदिनीराय (पलामू) चिकित्सा महाविद्यालयों में लिफ्टों के रखरखाव के लिए Schindler India Pvt. Ltd. को नियुक्त किया गया है। इससे इन संस्थानों में सुविधाओं के रखरखाव में सुधार होगा और मरीजों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
प्रशासनिक सुधार और सामाजिक कल्याण पर भी ध्यान
Jharkhand Cabinet Decisions 2025: बैठक में सेवानिवृत्त लिपिकों की सेवाओं को नियमित कर उन्हें वित्तीय लाभ देने की मंजूरी मिली है। साथ ही, ‘उड़ान’ योजना के तहत मनोनयन के आधार पर विमान सेवा की अवधि को भी बढ़ा दिया गया है। कारखाना अधिनियम में संशोधन, आंगनबाड़ी पोषण योजना की आपूर्ति अवधि का विस्तार, और सड़क परियोजनाओं के लिए विशेष स्वीकृति जैसे प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी गई है।
