राज्य में पहली बार अधिवक्ताओं को मिला अधिकार का संवैधानिक दर्जा
Jharkhand Advocates Rights: खबर झारखंड से है जहां हेमंत सोरेन सरकार ने अधिवक्ताओं को लेकर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। देश में पहली बार राज्य स्तर पर अधिवक्ताओं को उनके अधिकार और गरिमा के साथ कानूनी मान्यता दी गई है। इस फैसले से न सिर्फ वकीलों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिलेगी, बल्कि न्याय प्रणाली में उनकी भूमिका को भी औपचारिक रूप से सराहा गया है।
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‘सर्वजन से सरोकार’ की नीति का प्रमाण
बतादें कि यह निर्णय हेमंत सोरेन सरकार की ‘सर्वजन से सरोकार’ नीति का एक जीवंत उदाहरण है। सरकार का यह प्रयास राज्य में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जहां हर वर्ग की भागीदारी और सम्मान सुनिश्चित किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं के लिए बनेगा कल्याण कोष और सुविधा केंद्र
राज्य सरकार अधिवक्ताओं के लिए एक विशेष कल्याण कोष की स्थापना करने जा रही है। इसके तहत जरूरतमंद वकीलों को चिकित्सा सहायता, पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं भी मिलेंगी। साथ ही, जिलों में अधिवक्ता सुविधा केंद्रों की स्थापना का भी प्रस्ताव है।
कानून व्यवस्था को मिलेगी नई ऊर्जा
Jharkhand Advocates Rights: इस पहल से राज्य की न्याय व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। अधिवक्ता अब पहले से ज्यादा सुरक्षित, संगठित और प्रेरित महसूस करेंगे, जिससे न्यायिक प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता आने की संभावना है। यह एक ऐसा कदम है जिससे कानून व्यवस्था और आम जनता दोनों को लाभ मिलेगा।
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