Jhansi Police Action: झांसी के चिरगांव क्षेत्र में जंगल को अपना अड्डा बनाकर दहशत फैलाने वाले डकैतों के खिलाफ झाँसी पुलिस ने शानदार कार्रवाई की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) बीबीजीटीएस मूर्ति के नेतृत्व में चली इस विशेष मुहिम ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कानून की पकड़ से कोई अपराधी बच नहीं सकता। चिरगांव थाना क्षेत्र के छिरौना और सिमथरी गांवों के बीच घने जंगल में डकैतों ने अपना ठिकाना बनाया था, लेकिन पुलिस की सटीक रणनीति ने उनकी सारी योजनाएं ध्वस्त कर दीं।
कुख्यात डकैत अतुल यादव को लगी गोली
पुलिस को सूचना मिली थी कि जंगल में कुछ डकैत छिपे हैं, जो लूटपाट और अपराध की साजिश रच रहे हैं। इस सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने जंगल में घेराबंदी की। जैसे ही डकैतों ने पुलिस पर गोली चलाई, पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। इस मुठभेड़ में कुख्यात डकैत अतुल यादव को गोली लगी और वह घायल हो गया। पुलिस ने उसे और छह अन्य बदमाशों को पकड़ लिया। इनमें से पांच डकैत गुलशन यादव, रवि, राज यादव, अभिषेक और अरमान—मध्यप्रदेश के दतिया जिले के हैं, जबकि एक बदमाश, इरशाद, झाँसी के चिरगांव का रहने वाला है।
Jhansi Police Action: लूट का सामान हुआ बरामद
पुलिस ने डकैतों के कब्जे से भारी मात्रा में लूट का सामान बरामद किया। इसमें तीन मोटरसाइकिलें, दो 315 बोर के अवैध तमंचे, एक 12 बोर का तमंचा, तीन खोखा कारतूस, दो जिंदा कारतूस, नकद रुपये और कई कीमती जेवरात शामिल हैं। ये जेवरात उन लोगों के थे, जो शादी, परिवार और यादों के लिए कीमती थे। किसी की बेटी की शादी के लिए, किसी की बहन के गहने, तो किसी की मां की आखिरी निशानी—ये सब अब पुलिस ने बरामद कर लिया है। इस कार्रवाई से पीड़ित परिवारों को राहत मिली है।
पुलिस से नहीं बच सकते आरोपी
SSP बीबीजीटीएस मूर्ति की अगुआई में झाँसी पुलिस ने इस ऑपरेशन को बखूबी अंजाम दिया। उनकी रणनीति ने न केवल डकैतों को पकड़ा, बल्कि क्षेत्र में कानून का डर भी स्थापित किया। यह ऑपरेशन सिर्फ एक कार्रवाई नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि अपराधी चाहे जंगल में छिपें या शहर में, पुलिस की पैनी नजर और सख्त शिकंजे से बच नहीं सकते।

Jhansi Police Action: अपराध के खिलाफ मुहिम
यह कार्रवाई झाँसी की उस ऐतिहासिक धरती पर हुई, जहां कभी रानी लक्ष्मीबाई ने अपनी तलवार से दुश्मनों को सबक सिखाया था। आज उसी धरती पर झाँसी पुलिस की गोलियां अपराधियों को उनकी औकात दिखा रही हैं। इस सफलता ने स्थानीय लोगों में विश्वास जगाया है कि पुलिस उनके साथ है और अपराध के खिलाफ उसकी मुहिम कभी कमजोर नहीं होगी।
धीरेंद्र रायकवार की रिपोर्ट
