JDU rebellion in Bihar elections: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के प्रचार के बीच जनता दल (यूनाइटेड) यानी जेडीयू में बगावत खुलकर सामने आ गई है। लंबे समय से पार्टी के अंदर हो रहा असंतोष अब विस्फोट की स्थिति में पहुंच गया है।
गोपाल मंडल समेत 5 नेता बाहर
CM नीतीश कुमार ने कार्रवाई करते हुए गोपालपुर से 4 बार के विधायक गोपाल मंडल समेत 5 और नेताओं को पार्टी से निकाल दिया है। JDU ने उनपर संगठन विरोधी काम करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर कार्यालय की ओर से लेटर भी जारी किया गया है।
जिन नेताओं को पोर्टी से निकाला गया है, उनमें गोपाल मंडल, पूर्व मंत्री हिमराज सिंह, पूर्व विधान पार्षद संजीव श्याम सिंह, पूर्व विधायक महेश्वर प्रसाद यादव और प्रभात किरण शामिल हैं।

JDU rebellion in Bihar elections: पहले निकाले 11 नेता
इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल 11 नेताओं को तत्काल प्रभाव से जेडीयू से निष्कासित कर दिया है।
यह कदम चुनाव से ठीक पहले नीतीश कुमार की पार्टी में मचे घमासान को थामने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। इन नेताओं पर आरोप था कि वे पार्टी की सदस्यता रखते हुए भी निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतर गए, जिससे जेडीयू के आधिकारिक प्रत्याशियों को नुकसान पहुँचने की आशंका थी।
नीतीश की सख्त कार्रवाई
जेडीयू नेतृत्व ने दावा किया है कि इन सभी नेताओं को बार-बार समझाने और मनाने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने भी पार्टी लाइन पर चलने की इच्छा नहीं दिखाई। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्वयं हस्तक्षेप करते हुए निष्कासन का आदेश जारी किया।
पार्टी के प्रवक्ता के अनुसार, “जेडीयू संगठन, अनुशासन और नैतिकता पर आधारित पार्टी है। किसी भी सदस्य को यह अधिकार नहीं है कि वह पार्टी टिकट न मिलने पर स्वतंत्र रूप से चुनाव मैदान में उतरकर संगठन को नुकसान पहुँचाए।”
नीतीश कुमार की राजनीति में हमेशा से अनुशासन और संगठन की मजबूती प्राथमिकता रही है। यही कारण है कि उन्होंने बिना किसी देर के यह कठोर कदम उठाया ताकि पार्टी की साख और एकता पर संकट न आए।

निष्कासित नेताओं के नाम
निष्कासित नेताओं में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें चार पूर्व विधायक और एक पूर्व मंत्री भी हैं। पार्टी से बाहर किए गए नेताओं की सूची इस प्रकार है —
- शैलेश कुमार (पूर्व मंत्री)
- संजय प्रसाद (पूर्व विधान पार्षद)
- श्याम बहादुर सिंह (पूर्व विधायक)
- रणविजय सिंह (पूर्व विधान पार्षद)
- सुदर्शन कुमार (पूर्व विधायक)
- अमर कुमार सिंह (बेगूसराय)
- आश्मा परवीन (वैशाली)
- लव कुमार (नबीनगर)
- आशा सुमन (कटिहार)
- दिव्यांशु भारद्वाज (मोतिहारी)
- विवेक शुक्ला (सिवान)
JDU rebellion in Bihar elections: इन सभी नेताओं पर एक ही आरोप है — पार्टी के अधिकृत प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय के रूप में चुनाव लड़ना और “वोट कटवा” की भूमिका निभाना।
बगावत का असर
जेडीयू में इस स्तर की बगावत पहले चरण के मतदान से ठीक पहले पार्टी के लिए बड़ा झटका साबित हो सकती है। अधिकांश बागी नेता अपने क्षेत्र में मजबूत जातीय और सामाजिक पकड़ रखते हैं, जिससे जेडीयू के आधिकारिक उम्मीदवारों का वोट बैंक बिखर सकता है।
