भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के बाद जय शाह ने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पारी शुरू की है। उन्होंने आईसीसी (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के अध्यक्ष के रूप में अपना कार्यकाल शुरू कर दिया है। जय शाह महज 35 साल की उम्र में आईसीसी के सबसे युवा चेयरमैन बन गए हैं। इसके साथ ही वे आईसीसी की कमान संभालने वाले 5वें भारतीय बन गए हैं।
चैंपियंस ट्रॉफी विवाद के बीच नई जिम्मेदारी
जय शाह ने ऐसे समय में आईसीसी का कार्यभार संभाला है जब चैंपियंस ट्रॉफी 2025 की मेजबानी को लेकर विवाद चल रहा है। इस टूर्नामेंट की मेजबानी पाकिस्तान को मिली है, लेकिन भारत अपने मैच हाइब्रिड मॉडल पर खेलने का इच्छुक है। इस विवाद का समाधान निकालने में अब जय शाह की भूमिका अहम होगी।
BCCI से आईसीसी तक का सफर
जय शाह को 2019 में बीसीसीआई सचिव बनाया गया था। बीसीसीआई में अपने करीब 6 साल के कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। जनवरी 2021 में उन्हें एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। अब उन्होंने आईसीसी के पूर्व चेयरमैन ग्रेग बार्कले की जगह ली है, जो लगातार दो बार इस पद पर रहे।
जय शाह का विजन
आईसीसी अध्यक्ष के रूप में जय शाह ने कहा, “मैं इस भूमिका को निभाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। आईसीसी निदेशकों और सदस्य बोर्डों के समर्थन के लिए आभारी हूं। यह क्रिकेट के लिए रोमांचक समय है क्योंकि हम एलए 2028 ओलंपिक खेलों की तैयारी कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य क्रिकेट को ज्यादा समावेशी और आकर्षक बनाना है। हमें सभी फॉर्मेट्स के सह-अस्तित्व और महिलाओं के खेल के विकास को तेज करने पर काम करना होगा।”
क्रिकेट से जुड़ाव और उपलब्धियां
जय शाह का क्रिकेट से जुड़ाव 2009 में गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन से हुआ। उन्होंने अहमदाबाद में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम (नरेंद्र मोदी स्टेडियम) के विकास की देखरेख की। उनके नेतृत्व में भारतीय क्रिकेट ने कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं।
जय शाह से पहले जगमोहन डालमिया, शरद पवार, एन. श्रीनिवासन और शशांक मनोहर जैसे भारतीयों ने आईसीसी अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभाली है। अब सभी की निगाहें जय शाह के कार्यकाल पर हैं, जो क्रिकेट को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
