श्रद्धालुओं से भरी बस ट्रेलर में घुसी, 4 की मौके पर मौत
3 बजे सुबह का वक्त था। बाहर सन्नाटा था, बस के अंदर 50 लोग गहरी नींद में सो रहे थे थके हुए, लेकिन मन में एक सुकून कि रामलला का दर्शन हो गया, अब बाबा विश्वनाथ की बारी है। लेकिन उस सुकून की कीमत कितनी भारी होगी, किसी ने नहीं सोचा था।
हादसा जो पल भर में जिंदगी बदल गया
उत्तर प्रदेश के जौनपुर ज़िले में सोमवार तड़के एक AC टूरिस्ट बस 50 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या से वाराणसी जा रही थी। लाइनबाज़ार थाना क्षेत्र के सीहीपुर के पास ओवरटेक करते समय बस सीधे एक ट्रेलर में जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पिचक गया। सीटें चकनाचूर हो गईं, सामान बिखर गया, और कई जिंदगियां वहीं थम गईं। चार लोगों की मौके पर मौत हो गई। इनमें एक महिला अपने पति के सामने खिड़की और सीट के बीच फंसी रह गई और जिंदगी से हार गई।
छत्तीसगढ़ से काशी तक श्रद्धालुओं का सफर
दिलीप दास, जो हादसे में बाल-बाल बचे, ने बताया “हम छत्तीसगढ़ से 7 सितंबर को निकले थे। अमरकंटक, मैहर, चित्रकूट, वृंदावन और फिर अयोध्या में रामलला के दर्शन किए। काशी जाने का मन था, सब बहुत खुश थे। लेकिन…”उनकी बात अधूरी रह गई। शायद भावनाएं शब्दों से तेज़ थीं।
एक पति की पूरी दुनिया उजड़ गई
आशा भावल, इस यात्रा पर अपने पति उपन के साथ थीं। हादसे में उनकी मौत हो गई। उपन की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। वो कहते हैं,
“टक्कर के बाद सबकुछ बिखर गया। मैं जैसे-तैसे उठा और अपनी पत्नी को ढूंढने लगा। वह सीट और खिड़की के बीच बुरी तरह फंसी थी, खून से लथपथ। दो बच्चे हैं हमारे… बेटी की शादी होने वाली थी। अब कैसे बताऊंगा उसे कि मां नहीं रही।”
उनका दर्द शब्दों से परे था एक ऐसा घाव, जो वक़्त भी शायद कभी न भर पाए।

घायलों की हालत गंभीर, ड्राइवर की मौके पर मौत
हादसे में ड्राइवर दीपक (40) की भी मौत हो गई। बस के लेफ्ट साइड से टक्कर लगने के कारण वहीं बैठे यात्री सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
9 लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
धर्म की राह में क्यों इतना दर्द?
ये सवाल अब श्रद्धालुओं के साथ पूरा देश पूछ रहा है क्या भगवान के दर्शन करने निकला एक भक्त, ऐसे मौत के आगोश में जाना डिज़र्व करता है? क्या ओवरटेक करते वक्त एक छोटी सी लापरवाही इतनी बड़ी कीमत ले सकती है?
और अंत में… एक अधूरा सफर
काशी पहुंचने की तमन्ना थी, लेकिन रास्ता मौत की ओर मुड़ गया। ये हादसा एक तकनीकी चूक नहीं, मानवीय लापरवाही की भयानक कीमत है। अब जब इस हादसे की जांच होगी, तब शायद जिम्मेदारियों की गिनती होगी। लेकिन जिन परिवारों ने अपने अपनों को खोया, उनके लिए ये बस एक “एक्सीडेंट” नहीं एक जीवनभर का खालीपन है।
🙏 श्रद्धांजलि उन सभी को, जिन्होंने इस यात्रा में अपनी जिंदगी खो दी।
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