Benefits Of Japanese Water Therapy: आजकल हर कोई हेल्दी और फिट रहना चाहते है, इसके लिए कई उपाय करते रहते है, इसमें से एक जापानी वॉटर थेरेपी है, जिसे जापान में लोग लंबे समय से अपनाते आ रहे हैं। इसमें सुबह उठते ही खाली पेट गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है। यह थेरेपी शरीर को अंदर से साफ करने, पाचन क्रिया को दुरुस्त करने और त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करती है।
Read More: Cholesterol Causes and Remedies: कोलेस्ट्रॉल क्यों बढ़ता है? जानिए कारण और निवारण…
जापानी वॉटर थेरेपी क्या है?
इस थेरेपी में सुबह उठते ही खाली पेट 4 से 5 गिलास (लगभग 650-700 मिली) गुनगुना पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके बाद कम से कम 45 मिनट तक कुछ नहीं खाना होता। इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और पाचन क्रिया बेहतर होती है।
हेल्थ बेनिफिट्स…
1. पाचन में सुधार – खाली पेट पानी पीने से कब्ज, गैस जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।
2. वजन घटाने में मदद – पानी पीने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है, जिससे फैट बर्निंग प्रोसेस तेज होती है।
3. त्वचा की सेहत – हाइड्रेशन बेहतर होने से स्किन ग्लो करती है और डार्क सर्कल्स या एक्ने की समस्या कम होती है।
4. टॉक्सिन्स का बाहर निकलना – पानी शरीर के अंदरूनी टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है।
5. थकान में कमी – दिन की शुरुआत हाइड्रेटेड बॉडी के साथ करने से थकान कम महसूस होती है।
6. ऊर्जा में बढ़ोतरी – दिन की शुरुआत हाईड्रेटेड बॉडी के साथ करने से थकान कम लगती है।

क्या यह थेरेपी वजन घटाने में असरदार है?
कुछ स्टडीज के अनुसार…
1. यह थेरेपी मीठे पेय पदार्थों के स्थान पर सिर्फ पानी पीने की आदत को प्रोत्साहित करती है, जिससे डेली कैलोरी इनटेक कम होता है।
2. एक साथ पानी पीने से पेट भरा-भरा महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है।
3. इसके नियमों के अनुसार हर मील सिर्फ 15 मिनट में खत्म करना और फिर दो घंटे तक कुछ नहीं खाना, खाने की मात्रा पर नियंत्रण लाता है।
हालांकि, सभी शोध इस बात पर सहमत नहीं हैं। कुछ स्टडीज में इसे असरदार पाया गया है, जबकि कुछ में खास अंतर नहीं देखा गया।
इस थेरेपी को कितने समय तक करना चाहिए?
जापान मेडिकल एसोसिएशन का कहना है कि अगर इस थेरेपी को नियमित रूप से कुछ हफ्तों तक किया जाए तो यह डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, गैस, कब्ज जैसी समस्याओं में सुधार ला सकती है। लेकिन अभी तक इसे लेकर वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं।
किसे बरतनी चाहिए सावधानी?
हालांकि यह थेरेपी आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन कुछ विशेष स्थितियों में लोगों को डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए-
1. किडनी या दिल की बीमारी वाले
2. वॉटर रिटेंशन या ब्लड प्रेशर की समस्या वाले
3. जिन्हें बार-बार पेशाब जाने की समस्या रहती हो
साथ ही, एक बार में बहुत अधिक पानी पीना वॉटर टॉक्सिसिटी का कारण बन सकता है जिससे सिरदर्द, मतली और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
