6 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर जाने के निर्देश

japan earthquake warning november 2025: जापान के इवाते प्रांत में रविवार दोपहर 6.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे तटीय इलाकों में अफरातफरी मच गई। स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:33 बजे दर्ज किए गए इन झटकों के बाद जापान मौसम एजेंसी ने सुनामी एडवाइजरी जारी की। अधिकारियों ने इवाते के ओफुनातो शहर के तटीय क्षेत्रों से 6,138 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए। भूकंप का केंद्र तट से करीब 70 किलोमीटर दूर समुद्र में था, जिससे आसपास के इलाके में हल्की सुनामी लहरें उठीं। ओफुनातो पोर्ट में लगभग 10 सेंटीमीटर ऊंची लहरें दर्ज की गईं।
सुनामी की चेतावनी और प्रशासन की तैयारी
मौसम विभाग ने बताया कि यह सुनामी एडवाइजरी एक एहतियाती कदम के रूप में जारी की गई है। आमतौर पर जब लहरों की ऊंचाई 1 मीटर तक पहुंचने की संभावना होती है, तभी एडवाइजरी जारी की जाती है। हालांकि इस बार समुद्र में लहरें अपेक्षाकृत कमजोर थीं, लेकिन प्रशासन ने सुरक्षा मानकों के तहत तटीय क्षेत्रों की तुरंत निकासी शुरू कर दी।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार,
प्रभावित इलाकों में निकासी केंद्र, स्कूल और सामुदायिक भवन पहले से तैयार रखे गए थे। सरकारी प्रवक्ता ने कहा, “फिलहाल किसी बड़े नुकसान या जानमाल की हानि की खबर नहीं है, लेकिन निगरानी जारी है।”
japan earthquake warning november 2025: रेल सेवा पर असर
भूकंप का असर ईस्ट जापान रेलवे की सेवाओं पर भी पड़ा। कंपनी ने बताया कि तोहोकू शिंकानसेन (हाई-स्पीड ट्रेन) की बिजली कुछ समय के लिए बाधित रही। सेंडाई से शिन-आओमोरी के बीच ट्रेनों की आवाजाही अस्थायी रूप से रोकी गई, हालांकि करीब एक घंटे बाद सेवाएं आंशिक रूप से बहाल कर दी गईं। जापान में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क में भूकंप आने पर ऑटोमैटिक सेफ्टी सिस्टम काम करता है, जो झटकों के दौरान ट्रेनों को रोक देता है।
लोगों की प्रतिक्रिया और राहत व्यवस्था
ओफुनातो और आसपास के शहरों में लोगों ने बताया कि झटके करीब 20 से 25 सेकंड तक महसूस हुए। कुछ इलाकों में घरों और दुकानों में कंपन और सामान गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं, लेकिन किसी बड़ी क्षति की रिपोर्ट नहीं मिली। स्थानीय प्रशासन ने सोशल मीडिया और पब्लिक अलर्ट सिस्टम के जरिए लोगों को समुद्र तटों से दूर रहने की सलाह दी है। बचाव एजेंसियों के मुताबिक, सभी निकाले गए लोगों को अस्थायी शिविरों में पहुंचा दिया गया है। सरकारी प्रवक्ता हिरोशी नाकामुरा ने कहा कि “आपात टीमें सक्रिय हैं और तटीय क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है।”
जापान में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है
जापान पैसिफिक रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय इलाकों में से एक है। यह क्षेत्र पृथ्वी की कई प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों यूरेशियन, पैसिफिक और फिलीपीन प्लेट्स के संगम पर स्थित है, जिससे बार-बार भूकंप आते हैं। पिछले कुछ वर्षों में जापान ने भूकंप-रोधी निर्माण, स्वचालित अलर्ट सिस्टम और सुनामी निगरानी नेटवर्क को लगातार बेहतर बनाया है। 2011 की तोहोकू आपदा (9.0 तीव्रता के भूकंप और सुनामी) के बाद से सरकार ने राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़े किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय निगरानी और चेतावनी नेटवर्क
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) ने भी पुष्टि की कि भूकंप का केंद्र इवाते तट से लगभग 40 किलोमीटर गहराई में था। प्रारंभिक झटकों के बाद किसी बड़े आफ्टरशॉक की रिपोर्ट नहीं मिली है। हालांकि मौसम एजेंसी ने चेतावनी दी है कि “अगले 48 घंटे में हल्के झटके महसूस हो सकते हैं।” जापान मौसम एजेंसी ने यह भी बताया कि सुनामी खतरा सीमित है, लेकिन तटीय निगरानी जारी रहेगी। समुद्री बंदरगाहों और मछली पकड़ने वाले इलाकों को फिलहाल सावधानीपूर्वक संचालन रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
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