Jannik Sinner Wada Agreement 3 Month ban: इटली के युवा टेनिस स्टार और दुनिया के नंबर-1 टेनिस खिलाड़ी जैनिक सिनर ने 3 महीने का बैन स्वीकार कर लिया है। वाडा ने 15 फरवरी को स्टेटमेंट जारी कर कहा- ‘सिनर ने गलती स्वीकार कर ली है। इसलिए उन पर 3 महीने का प्रतिबंध लगाया गया है।’ सिनर 9 फरवरी से 4 मई तक बैन रहेंगे।
Jannik Sinner Wada Agreement 3 Month ban: सिनर डोपिंग टेस्ट में फेल लेकिन नहीं लगा बैन
यह मामला 2024 का है। रिपोर्ट के मुताबिक, सिनर दो बार डोपिंग टेस्ट में फेल हो चुके थे और वाडा की ओर से प्रतिबंधत पदार्थ ‘क्लॉस्टेबोल’ के लिए पॉजिटिव पाए गए थे। लेकिन इंटरनेशनल टेनिस महासंघ ने उन पर बैन नहीं लगाया था। इसी के विरोध में WADA ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन फॉर स्पोर्ट (CAS) में सिनर के खिलाफ अपील दाखिल की थी।

दरअसल, तब सिनेर ने कहा था- उनका हाथ हल्का सा कट गया था, जिसके लिए मेडिकल टीम ने एक स्प्रे का इस्तेमाल किया था। इस स्प्रे में क्लॉस्टेबोल नामक पदार्थ मिला हुआ था, जिसे वाडा ने बैन कर रखा है। वहीं वाडा ने इस मामले को लेकर कहा ‘सिनर का चीटिंग करने का कोई इरादा नहीं था। लेकिन वह अपना बैन पूरा करेंगे। क्योंकि वो अपनी टीम से हुई गलती के लिए जिम्मेदार हैं।
डोपिंग मामले में सिनर ने कहा-
“यह मामला एक साल से लटक रहा था और प्रोसेस इतनी लंबी है कि फैसला साल के आखिर में ही आता। मैने हमेशा स्वीकार किया है कि मेरी टीम के लिए मैं जिम्मेदार हूं और मुझे लगता है कि खेल की सुरक्षा के लिए वाडा के कड़े नियम जरूरी है। यही वजह है कि मैने मामला निपटाने के लिए तीन महीने के प्रतिबंध की वाडा की पेशकश स्वीकार कर ली।”
Jannik Sinner Wada Agreement 3 Month ban: अप्रैल 2025 को होनी थी सुनवाई
सुनवाई से पहले ही WADA और 23 वर्षीय खिलाड़ी सिनर के बीच सुलह की वजह से 3 महीने के प्रतिबंध पर समझौता हो गया। अगर वो सुनवाई के लिए जाते तो समय बर्बाद होने के साथ 3 से 24 महीने के लिए बैन हो सकते थे और कई टूर्नामेंट मिस कर सकते थे। लेकिन सुलह के कारण उन्हें सिर्फ 3 महीने की सजा मिली। यह प्रतिबंध 9 फरवरी से लागू होगा, जोकि 4 मई 2025 तक रहेगा। इटैलियन स्टार 25 मई से शुरू हो रहे फ्रैंच ओपन में खेलते नजर आएंगे।
ऑस्ट्रेलिया ओपन का लगातार दूसरा खिताब जीते
हालहि में इटली के युवा स्टार जैनिक सिनर ने 26 जनवरी को ऑस्ट्रेलिया ओपन का टाइटल जीता था। मेलबर्न के रोड लिवर एरिना में जर्मनी के एलेक्जेंडर ज्वेरेव को सीधे सेटों में 6-3, 7-6 (7-4), 6-3 से हराया था। वे साल के पहले ग्रैंडस्लैम में लगातार दूसरी बार चैंपियन बने थे।
