Janmashtami Bhog Lord Krishna: भारत में हर महिने कोई न कोई त्योहार आता है। यहां हर पर्व बहुत धूम – धाम से मनाया जाता है। और अब जल्द जन्माष्टमी आने वाला है, जन्माष्टमी का पर्व भक्ति, प्रेम और उल्लास का प्रतीक है। इस दिन भक्त अपने आराध्य श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाते हैं। कान्हा को प्रसन्न करने के लिए भोग का विशेष महत्व होता है। धार्मिक मान्यता है कि यदि जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को उनका प्रिय भोजन श्रद्धा भाव से अर्पित किया जाए, तो वे प्रसन्न होकर अपने भक्तों पर कृपा बरसाते हैं।
भगवान कृष्ण का प्रिय भोजन….
श्रीकृष्ण को बचपन से ही माखन, मिश्री, दूध और दही बेहद प्रिय थे। वृंदावन की गलियों में माखन चुराने वाली उनकी लीलाएं आज भी भक्तों के हृदय में जीवंत हैं। यही कारण है कि जन्माष्टमी के दिन माखन-मिश्री का भोग सबसे खास माना जाता है।

1. माखन और मिश्री
कृष्ण बचपन में गोपियों के घर माखन चुराकर खाते थे। इसीलिए जन्माष्टमी पर ताजे माखन में मिश्री मिलाकर भोग लगाना शुभ माना जाता है। यह भोग भगवान के बाल रूप को अत्यंत प्रिय है और इसे अर्पित करने से घर में प्रेम और सुख-समृद्धि बढ़ती है।
2. पंजीरी
पंजीरी एक पारंपरिक प्रसाद है, जिसे आटे, घी और ड्राई फ्रूट्स से बनाया जाता है। यह न केवल स्वादिष्ट होती है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। मान्यता है कि पंजीरी श्रीकृष्ण को शक्ति और ऊर्जा प्रदान करने के लिए बनाई जाती थी।
3. माखन-मलाई
ताजा दूध से बनी मलाई और माखन का मिश्रण भगवान कृष्ण को बहुत भाता है। इसे मिश्री और इलायची पाउडर के साथ सजाकर अर्पित किया जाता है।
4. दूध और दही से बने व्यंजन
लस्सी, श्रीखंड और मीठी दही भगवान को अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। दही को शीतलता और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है।
5. माखन लड्डू और मिठाइयां
माखन से बने लड्डू, पेड़ा और बर्फी भी जन्माष्टमी पर विशेष रूप से बनाए जाते हैं। इनमें खासकर माखन पेड़ा को बेहद शुभ माना जाता है।

भोग अर्पण की विधि
जन्माष्टमी पर भोग लगाने की भी एक विशेष विधि होती है।
1. स्नान और शुद्धि – सबसे पहले पूजा स्थान और बर्तन को अच्छी तरह साफ करें।
2. सात्विकता – भोग बनाते समय प्याज-लहसुन और तामसिक चीजों का उपयोग न करें।
3. कृष्ण की मूर्ति या झांकी सजाएं – भोग भगवान के सामने रखें और दीप जलाएं।
4. मंत्रोच्चार – “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र के साथ भोग अर्पित करें।
5. भोग के बाद प्रसाद वितरण – भोग लगाने के बाद इसे प्रसाद के रूप में भक्तों में बांटें।
धार्मिक महत्व…
शास्त्रों में कहा गया है कि भगवान कृष्ण को भोग अर्पित करने से भक्त के सभी दुख दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। माखन-मिश्री का भोग विशेष रूप से धन, प्रेम और शांति का प्रतीक माना जाता है।

इस जन्माष्टमी पर खास सुझाव…
1. कोशिश करें कि भोग घर पर ही बनाएं, ताकि उसमें शुद्धता और प्रेम बना रहे।
2. भोग को चांदी या पीतल के पात्र में अर्पित करना शुभ माना जाता है।
3. माखन और मिश्री के साथ तुलसी पत्ता अवश्य रखें, क्योंकि तुलसी श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय है।
4. जन्माष्टमी केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं है, बल्कि यह भगवान कृष्ण के प्रति प्रेम और समर्पण जताने का अवसर है। इस वर्ष आप भी माखन-मिश्री, पंजीरी, दूध-दही और माखन-मलाई का भोग लगाकर श्रीकृष्ण को प्रसन्न कर सकते हैं और उनकी अनंत कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
