Janmashtami 2025 Auspicious Items: भारत में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और आस्था से भरा पर्व है। इसे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। मान्यता है कि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भगवान विष्णु ने श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया था। इस अवसर पर भक्तगण व्रत रखते हैं, मंदिर सजाते हैं और लड्डू गोपाल का झूला सजाकर उन्हें भोग अर्पित करते हैं।
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इस साल जन्माष्टमी का पर्व विशेष संयोग लेकर आ रहा है और उज्जैन के आचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, यदि कुछ खास वस्तुएं जन्माष्टमी से पहले घर में ले ली जाएं, तो घर में सुख-समृद्धि, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वास होता है।
इस साल कब है जन्माष्टमी?
सूत्रो के अनुसार, आचार्य आनंद भारद्वाज ने बताया कि इस बार भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि
15 अगस्त 2025 की रात 11:49 बजे से शुरू होकर
16 अगस्त 2025 की रात 9:34 बजे तक रहेगी।
इस बार गृहस्थों की जन्माष्टमी 15 अगस्त को और वैष्णवों की 16 अगस्त को मनाई जाएगी। ऐसे में, पर्व से पहले यदि कुछ विशेष वस्तुएं घर में स्थापित की जाएं, तो यह बेहद फलदायक सिद्ध हो सकता है।

लड्डू गोपाल की मूर्ति – घर में स्थापित करें श्रीकृष्ण स्वरूप…
जन्माष्टमी के दिन यदि घर में लड्डू गोपाल की नई मूर्ति लाकर स्थापित की जाए, तो यह अत्यंत शुभ माना जाता है। आप अपनी श्रद्धा और स्थान के अनुसार लड्डू गोपाल के साइज का चयन कर सकते हैं।
जन्माष्टमी पर उन्हें पंचामृत से स्नान कराएं, नए वस्त्र पहनाएं और मक्खन-मिश्री का भोग लगाकर झूले में विराजित करें। इससे घर में बच्चों का स्वास्थ्य अच्छा रहता है, और मन में शांति बनी रहती है।
बांसुरी – दूर होंगे परिवारिक कलह…
भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रिय वस्तुओं में से एक है – बांसुरी। मान्यता है कि जिस घर में बांसुरी रहती है, वहां आपसी संबंध मधुर बने रहते हैं और किसी प्रकार का वैचारिक मतभेद नहीं होता।
यदि आप जन्माष्टमी से पहले बांसुरी लाकर घर के पूजा स्थल या ड्रॉइंग रूम में रखते हैं, तो सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और वातावरण में प्रेम बना रहता है।
मोर पंख – सुख, सौभाग्य और धन की वृद्धि..
भगवान कृष्ण के मुकुट में मोर पंख सदैव सुशोभित रहता है। यह सौंदर्य, शांति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। आचार्य भारद्वाज के अनुसार, अगर आप मोर पंख को घर में उत्तर दिशा में रखें, तो इससे धन वृद्धि होती है और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है।
मोर पंख का प्रयोग वास्तु दोष निवारण में भी किया जाता है।

कामधेनु गाय-बछड़े की मूर्ति – संतान सुख और मानसिक शांति के लिए…
समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से एक था – कामधेनु गाय। इसीलिए श्रीकृष्ण को गायों से विशेष लगाव था। जन्माष्टमी से पहले गाय-बछड़े की मूर्ति घर लाना अत्यंत शुभ माना गया है।
इस मूर्ति को पूजा स्थल पर रखें। इससे घर में संतान प्राप्ति, मानसिक तनाव से मुक्ति और परिवार में सामंजस्य की भावना बनी रहती है।
मक्खन और मिश्री – कान्हा का प्रिय भोग…
माखन और मिश्री भगवान कृष्ण की प्रियतम वस्तुएं हैं। बाल्यकाल में भगवान श्रीकृष्ण माखन चुराने के लिए प्रसिद्ध थे। इसलिए, जन्माष्टमी पर मक्खन और मिश्री का भोग लगाना जरूरी होता है।
भक्त इसे पहले से ही घर में लाकर रखते हैं और पर्व वाले दिन लड्डू गोपाल को अर्पित करते हैं। इससे मनोकामना पूर्ति होती है और कृष्ण कृपा सदैव बनी रहती है।
