jalaun doctor child cigarette viral video : जालौन में डॉक्टर के वायरल वीडियो से मचा हड़कंप, जांच के आदेश
jalaun doctor child cigarette viral video : उत्तर प्रदेश के जालौन जिले से एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। जिले के कुठोद थाना क्षेत्र के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में तैनात डॉक्टर ने जुकाम से पीड़ित एक मासूम बच्चे को इलाज के नाम पर सिगरेट पीने को मजबूर कर दिया।
इस पूरे मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें डॉक्टर और एक युवक बच्चे को सिगरेट सुलगाकर पीने के लिए कहते हुए नजर आ रहे हैं। वीडियो के वायरल होते ही प्रशासन हरकत में आ गया और डॉक्टर को तुरंत हटाकर जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
📹 वीडियो में क्या है? डॉक्टर की शर्मनाक सलाह – “खींचो अंदर तक”
वायरल वीडियो कथित तौर पर 15 दिन पुराना है और कुठोद थाना क्षेत्र के अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का बताया जा रहा है।
वीडियो में एक युवक बच्चे को सिगरेट जलाकर देता है और बार-बार कहता है:
“खींचो… और खींचो… अंदर खींचो।”
इस दौरान डॉक्टर पास में मौजूद है और इस हरकत पर आपत्ति नहीं जताता, बल्कि उसकी मौन सहमति वीडियो में साफ नजर आती है।
⚖️ प्रशासन का त्वरित एक्शन: CMO ने जांच बैठाई, डॉक्टर हटाया गया
जैसे ही मामला जालौन के जिलाधिकारी तक पहुंचा, उन्होंने तुरंत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. नरेंद्र देव शर्मा को जांच का निर्देश दिया।
CMO डॉ. एनडी शर्मा ने बताया:
“वीडियो देखने के बाद हमने संबंधित डॉक्टर को PHC से हटाकर जांच ACMO को सौंपी है। रिपोर्ट आने के बाद शासन को सूचित किया जाएगा और सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
🚨 स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल: क्या बच्चों की जान यूं ही खतरे में डाली जाएगी?
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी अस्पतालों में लापरवाही और गैरजिम्मेदाराना रवैये को उजागर कर दिया है। जिस स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज और सुरक्षा की उम्मीद की जाती है, वहां इस तरह की घटनाएं बेहद शर्मनाक और खतरनाक हैं।
🧒 मासूमों के साथ क्रूरता: एक वीडियो ने खोली आंखें
इस वायरल वीडियो से कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं:
-
क्या एक डॉक्टर इतना गैरजिम्मेदार हो सकता है?
-
क्या जुकाम का इलाज सच में सिगरेट है?
-
और क्या बच्चों की सेहत अब किसी के लिए प्राथमिकता नहीं रही?
✅ प्रशासन की कार्रवाई सही दिशा में
फिलहाल, डॉक्टर को हटाकर जांच शुरू करना एक सही कदम है। लेकिन ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई जरूरी है ताकि कोई भी डॉक्टर, स्वास्थ्यकर्मी या व्यक्ति बच्चों की जान से खिलवाड़ न कर सके।
Click this:- Download Our News App For Latest Update and “Follow” whatsapp channel
Read More : वक्फ कानून पर तत्काल रोक से सुप्रीम कोर्ट का इनकारः सुप्रीम कोर्ट का केंद्र से तीखा सवाल
