ICU में ऑक्सीजन सप्लाई रुकी तो मचा हाहाकार
रविवार रात जालंधर सिविल अस्पताल का ICU मौत का कमरा बन गया। सिर्फ 2 मिनट तक ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से 3 मरीजों की जान चली गई, और यह सब हुआ एक सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में, जहां हर सांस की कीमत होती है।
क्या हुआ रात को?
- समय: रविवार रात लगभग 8:30 बजे
- स्थान: जालंधर सिविल अस्पताल का ट्रॉमा ICU
- घटना: ऑक्सीजन प्लांट में तकनीकी गड़बड़ी, 2 मिनट तक सप्लाई बंद
- परिणाम:
- 3 मौतें:
- अर्चना (15) सांप के काटने का केस
- अवतार लाल (32) नशे की ओवरडोज
- राजू (30) टीबी का इलाज
- 2 अन्य मरीजों को बचा लिया गया
- 3 मौतें:
परिजनों का गुस्सा अस्पताल में भारी हंगामा
जब मृतकों के परिजनों को यह सूचना मिली कि ICU में ऑक्सीजन 2 मिनट के लिए बंद थी, तो अस्पताल में कोहराम मच गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि ये लापरवाही नहीं, हत्या है। भीड़ ने प्रबंधन से जवाब मांगते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
डॉक्टरों की सफाई मरीज थे ‘गंभीर’, लेकिन जांच होगी
MS डॉ. राज कुमार का बयान:
“मरीज पहले से ही गंभीर स्थिति में थे। फिर भी हमने एक 9 मेंबर की जांच कमेटी बना दी है। 2 दिन में रिपोर्ट आएगी।”
उन्होंने कहा, अगर ये टेक्निकल फॉल्ट नहीं, बल्कि कर्मचारी की लापरवाही साबित होती है तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य मंत्री खुद पहुंचे स्वतंत्र जांच के आदेश

पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह रात 1 बजे अस्पताल पहुंचे। उन्होंने कहा:
“मुझे बताया गया कि सप्लाई 1 से 2 मिनट में दोबारा शुरू हो गई थी, लेकिन इतनी देर भी काफी थी।”
उन्होंने डिप्टी डायरेक्टर लेवल की स्वतंत्र जांच टीम गठित की है, जो सोमवार सुबह जालंधर में जांच शुरू करेगी।
रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपी जाएगी और उन्होंने वादा किया:
“किसी भी स्तर की लापरवाही को बख्शा नहीं जाएगा।”
DC की टिप्पणी 72 घंटे में स्थिति साफ होगी
#WATCH जालंधर(पंजाब): सिविल अस्पताल के ट्रॉमा वार्ड में कथित तौर पर ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित होने से तीन मरीजों की मौत की घटना पर जालंधर DC डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने बताया, “सिविल सर्जन ने बताया कि यहां तीन मौत हुई हैं। जांच कमेटी का गठन किया गया है। सही कारण कमेटी की रिपोर्ट से पता… pic.twitter.com/xzIfCCaHUT
ANI_HindiNews (@AHindinews) July 27, 2025
डिप्टी कमिश्नर हिमांशु अग्रवाल ने कहा:
“कमेटी 72 घंटे में रिपोर्ट देगी। यह साफ करेगी कि मौतें ऑक्सीजन प्रेशर से हुईं या मरीज पहले से ही क्रिटिकल थे।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर लापरवाही मिली तो सख्त एक्शन होगा।

ये सिर्फ एक हादसा नहीं, सिस्टम की सांसें रुकी हैं
यह घटना सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि सिस्टम की विफलता की चेतावनी है। एक ICU में ऑक्सीजन का रुकना, उस सिस्टम पर सवाल है जिसे जान बचाने के लिए खड़ा किया गया था।
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