Rajasthan municipal commissioners: राजस्थान की भजनलाल सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा के नगर निगमों में प्रशासकों की नियुक्ति के आदेश जारी किए हैं। स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इन नगर निगमों का वर्तमान कार्यकाल 9 नवंबर 2025 को समाप्त हो जाएगा।
इस कदम का उद्देश्य नगर निगमों में प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखना है। नए निर्वाचित बोर्ड के गठन तक संबंधित संभागीय आयुक्तों को प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस निर्णय से नागरिकों के कुछ महत्वपूर्ण जनकार्यों में असुविधा होने की आशंका जताई जा रही है।

नगर निगमों में नियुक्त प्रशासक
जयपुर संभागीय आयुक्त पूनम को जयपुर हेरिटेज और ग्रेटर नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया गया है। जोधपुर और कोटा के संभागीय आयुक्तों को भी उनके संबंधित नगर निगमों का प्रशासक बनाया गया है।
प्रशासकों की नियुक्ति का मुख्य उद्देश्य प्रशासनिक कार्यों में निरंतरता बनाए रखना है। नए निर्वाचित बोर्ड के गठन तक प्रशासनिक फैसलों और नगर निगम की जिम्मेदारियों का निर्वाह प्रशासक करेंगे।
Rajasthan municipal commissioners: पार्षद और मेयर का कार्यकाल समाप्त
नगर निगमों के बोर्ड का कार्यकाल समाप्त होने के बाद पार्षदों और मेयर का कार्यकाल भी खत्म हो जाएगा। इसका मतलब है कि स्थानीय राजनीति में अस्थायी शून्यता पैदा हो जाएगी।
इस अवधि में प्रशासक नगर निगम का संचालन करेंगे, लेकिन कुछ निर्णय और जनकल्याण कार्यों में देरी हो सकती है।
जनकार्य प्रभावित हो सकते हैं
नगर निगमों में प्रशासकों की नियुक्ति से प्रशासनिक निरंतरता सुनिश्चित होगी, लेकिन नागरिकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण सेवाओं में असुविधा संभव है। प्रभावित होने वाले जनकार्य निम्नलिखित हैं:
- राशन कार्ड में संशोधन
- मूल निवास प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- आय प्रमाण पत्र
- आरटीई (राइट टू एजुकेशन)
- पुलिस सत्यापन
