इस्तीफे के बाद तुरंत शुरू की पैकिंग
Jagdeep Dhankhar resignation: सोमवार को उपराष्ट्रपति पद से अचानक इस्तीफा देने वाले जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा देने से पहले ही उपराष्ट्रपति निवास में अपना सामान पैक करना शुरू कर दिया था। सूत्रों के अनुसार, धनखड़ जल्दी ही उपराष्ट्रपति भवन खाली कर देंगे और अब किसी भी राजनीतिक नेता से दूरी बनाए हुए हैं।
राष्ट्रपति को लिखा भावुक पत्र
धनखड़ ने इस्तीफा देने से पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक भावुक पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया। उन्होंने लिखा कि वे डॉक्टर की सलाह का पालन करते हुए अब स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना चाहते हैं। हालाँकि विपक्ष इस निर्णय को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

विपक्ष का आरोप… सरकार के दबाव में आया इस्तीफा
धनखड़ के इस्तीफे के बाद विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि यह फैसला सरकारी दबाव के चलते लिया गया है। शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने उनसे मिलने का समय मांगा था, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। विपक्ष इसे एक सियासी चाल बता रहा है।
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प्रोटोकॉल पर भी सवाल
संवैधानिक नियमों के अनुसार, उपराष्ट्रपति का कार्यकाल पूरा होने पर उन्हें सरकारी आवास दिया जाता है। लेकिन चूंकि धनखड़ ने कार्यकाल पूरा होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया, ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें सरकारी बंगला मिलेगा या नहीं। अभी तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
पद छोड़ने के बाद भी मिलेंगी सुविधाएं
Jagdeep Dhankhar resignation: भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति होने के नाते धनखड़ को कई सरकारी सुविधाएं मिलती रहेंगी, जैसे—पेंशन, मुफ्त आवास, स्टाफ सहायता, चिकित्सा सुविधा और यात्रा भत्ता। उन्हें दो सहायक, दो चपरासी, और ₹60,000 रुपये का ऑफिस खर्च भी मिलेगा। इसके अलावा उन्हें और उनके एक रिश्तेदार को पूरे भारत में हवाई व रेल यात्रा की मुफ्त सुविधा दी जाएगी।
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