Jabalpur pathrao: जबलपुर जिले के सिहोरा के आजाद चौक स्थित दुर्गा मंदिर के पास गुरुवार रात आरती और अजान के दौरान विवाद हो गया। जिसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई। और पुलिस ने आकर 15 लोगों को हिरासत में लिया है। फिलहाल शांति है। लेकिन डर का माहौल बना हुआ है। बता दें की घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई थी, जिसे पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में नियंत्रित किया गया। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस लगातार निगरानी कर रही है।

डीआईजी, कलेक्टर और एसपी ने संभाला मोर्चा
वहीं जैसे ही घटना की सूचना पुलिस को दी गई। तो जानकारी मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। 1 दर्जन से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को सामान्य कराया।
Jabalpur pathrao: जबरन मंदिर में घुसने की कोशिश का आरोप
बता दें की दुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अंकेश गुप्ता ने बताया कि गुरुवार रात सब कुछ सामान्य था। मंदिर में नियमित रूप से पूजन और आरती की जा रही थी। इसी दौरान मस्जिद का गेट खुला और वहां से 50 से 70 युवकों की भीड़ बाहर आई। उन्होंने मंदिर के सामने खड़े होकर विवाद शुरू किया और गाली-गलौच की। मौके पर मौजूद पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।
मंदिर से घसीटकर मारपीट करने का आरोप
अंकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि साकिर नाम का व्यक्ति अपने साथियों के साथ मौके पर मौजूद था। उसने उन्हें मंदिर के अंदर से घसीटकर बाहर निकाल दिया, जिससे वे गिर गए। इसके बाद 15 से 20 लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
पथराव में मंदिर का कांच टूटा, लोग घायल

अंकेश ने बताया कि घटना के बाद जब वे घर लौट रहे थे, तभी मस्जिद के ऊपर, गेट और आसपास की गली से पथराव शुरू हो गया। यह पथराव करीब 20 से 25 मिनट तक जारी रहा।
पथराव में मंदिर का कांच टूटा, लोग घायल
अंकेश ने बताया कि घटना के बाद जब वे घर लौट रहे थे, तभी मस्जिद के ऊपर, गेट और आसपास की गली से पथराव शुरू हो गया। यह पथराव करीब 20 से 25 मिनट तक जारी रहा।
मस्जिद में काम चल रहा है
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मस्जिद में इन दिनों निर्माण काम चल रहा है, जिसके कारण परिसर में मलबा और पत्थर रखे हुए थे। आरोप है कि विवाद के दौरान इन्हीं पत्थरों का उपयोग कर पथराव किया गया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
बताया गया कि कुछ लोग मस्जिद की छत और गेट के पास से छिपकर पत्थर फेंक रहे थे। जिनके हाथ में जो भी पत्थर आया, उससे पथराव किया गया।
