जबलपुर धान खरीदी घोटाला: जबलपुर से एक चौकाने वाला मामला सामने आ रहा है। एक धान खरीदी केंद्र में करोड़ो की हेराफेरी का मामला सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 3 करोड़ रुपये की गड़बड़ी की गई है, जिसके चलते प्रशासन ने केंद्र के प्रभारी और कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई है।
जबलपुर धान खरीदी घोटाला: धान खरीदी में बड़ा घोटाला
मध्य प्रदेश के जबलपुर में धान खरीदी में बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। धान खरीदी केंद्र में ई-पार्जन पोर्टल में करीब 15 हजार क्विंटल की खरीदी दिखाकर करीब 3.50 करोड़ के घोटाले का मामला सामने आया है।
बता दें कि, आरोपी धान खरीदी केंद्र के प्रभारी और कम्प्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ प्रशासन के द्वारा मझौली थाने में FIR दर्ज कराई गई। आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने BNS की धारा 316, 318 तथा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया।

जबलपुर धान खरीदी घोटाला: जांच में मिली बड़ी गड़बड़ी
जबलपुर कलेक्टर राघवेंद्र सिंह के सामने जब धान खरीदी में घपले का मामला सामने आया है। तो उन्होंने मझौली तहसील अंतर्गत वृहताकार सहकारी संस्था द्वारा संचालित श्री वेयर हाउस धान उपार्जन केंद्र की जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर ऋषभ जैन के नेतृत्व में कमेटी गठित की। और जब जांच किया गया तो वर्ष 2025-26 में ई-उपार्जन पोर्टल अनुसार 65235 क्विंटल धान खरीदी गयी है। भौतिक सत्यापन करने में 14934 किलो धान कम पाई गयी। ई-उपार्जन पोर्टल पर 174 किसानों से 14505 क्विंटल धान फर्जी ऑनलाइन तरीके से खरीदना पाया गया।
जांच में पाया गया कि धान खरीदी में हेरा-फेरी की गयी है। जिसके लिए धान खरीदी केंद्र के प्रभारी रत्नेश भट्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन सेन को जिम्मेदार माना गया।
दोनों के खिलाफ FIR दर्ज
जांच के बाद धान खरीदी केंद्र के प्रभारी रत्नेश भट्ट और कंप्यूटर ऑपरेटर अमन सेन को दोषी पाया गया। इनके खिलाफ केस दर्ज कराया गया है। दोनों की तलाश जारी है।
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