Jabalpur fake passport: एक बड़ी कार्यवाही के तहत MP Anti-terrorist Squad (ATS) ने कोलकाता से 5 अफगानी नागरिकों को हिरासत में लिया है. अधिकारियों के अनुसार, सारे आरोपियों ने मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर से फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवाए थे. साल 2025 के अगस्त महीने में ATS को इस बारे में शिकायत मिली थी, जिसके बाद वे फुर्ती में आये और 6 लोगों को पिछले साल ही गिरफ्तार कर लिया था. इन 6 लोगों में से 3 अफ़ग़ानिस्तान के नागरिक थे.

Jabalpur fake passport: मुखबिर से मिली सूचना पर शुरू हुई थी कार्यवाही
ATS के अधिकारियों के मुताबिक, अगस्त 2025 में मुखबिर के ज़रिये अफगानी नागरिकों की जबलपुर में अवैध रूप से निवासरत रहने की सूचना प्राप्त हुई थी. ATS की प्रथम कार्यवाही में एक अफगानी नागरिक,सोहबत खान गिरफ्तार हुआ था. पूछताछ में पता चला की खान विगत 10 वर्षों से अवैध रूप से जबलपुर में रह रहा था, और उसी शहर की एक महिला से निकाह भी कर लिया था. कड़ी पूछताछ में यह तथ्य सामने आया कि खान ने फ़र्ज़ी दस्तावेज़ों के आधार पर फर्जी भारतीय पासपोर्ट बनवा लिया था, एवं अपने पश्चिम बंगाल व छत्तीसगढ़ में रह रहे साथियों के लिए भी फर्जी भारतीय पासपोर्ट जुगड़वा रहा था, लेकिन इससे पहले कि वह अपने मंसूबे में सफल हो पाता, ATS ने उसे धर लिया.
हाल ही में कोलकाता से गिरफ्तार हुए पांच अफगानी युवक
ATS की कार्यवाही लगातार जारी रही, और तकनीकी साक्ष्य के आधार पे, टीम ने कोलकाता से 5 और अफगानी युवकों को पकड़ा, जिन्होंने कूटरचित दस्तावेज़ों के बल-बूते पर फर्जी पासपोर्ट बनवाया था. ATS की टीम ने कोलकाता के थाना बेनियापुकुर और थाना भवानीपुर से 5 अवैध अफगान नागरिकों को गिरफ्तार किया. विवेचकों का कहना है कि आरोपियों की कोलकाता की सियाल्दाह कोर्ट और अलिपूर कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड लेकर जबलपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड ली गयी है. आरोपियों की पहचान रजा खान (28),जियाउल रहमान (30),सुल्तान मोहम्मद (27), सैयद मोहम्मद (35) और जफर खान (23) के रूप में की गयी है.
30 अफगानी युवकों ने किया फर्जी पासपोर्ट बनवाने का प्रयास: ATS
ATS के अधिकारियों ने बताया कि विवेचना के दौरान पता लगा कि लगभग 30 अफगानी युवकों ने जबलपुर के पते से फर्जी पासपोर्ट बनवाने की कोशिश की है. अधिकारियों की मानें तो मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं.
