Jabalpur: शहर के डुमना एयरपोर्ट पर हुई घटना ने हवाई सुरक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मूसलाधार बारिश के चलते बुधवार को डुमना एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार का एक हिस्सा धराशायी हो गया। हालांकि, स्थिति नियंत्रण में रही क्योंकि सुरक्षा जवानों ने तुरंत सतर्कता दिखाई और आवश्यक कदम उठाए। इस घटना से जुड़ी जानकारी को जानने से पहले, आइए घटना का विश्लेषण करते हैं और जानते हैं कि हवाई सुरक्षा के नजरिए से यह क्यों महत्वपूर्ण है।
20 फीट लंबा हिस्सा गिर गया
तेज बारिश के चलते एयरपोर्ट की सुरक्षा दीवार का 20 फीट लंबा हिस्सा गिर गया, जो गधेरी गांव की तरफ स्थित था। हालांकि, इसके बाद तत्काल रूप से सुरक्षा जवानों की तैनाती कर दी गई और अस्थाई रूप से लोहे की चादर लगाकर इस क्षेत्र को बंद कर दिया गया। इस समय दो सुरक्षा जवान मौके पर मौजूद हैं, जो हर प्रकार की अनहोनी से निपटने के लिए तैयार हैं।
मरम्मत करवाई जाएगी
डुमना एयरपोर्ट के डायरेक्टर राजीव रत्न पांडे ने स्पष्ट किया कि दीवार के ढहने का मुख्य कारण भारी बारिश और खराब ड्रेनेज सिस्टम था, जिससे दीवार कमजोर होकर गिर गई। हालांकि, वे निर्माण कार्य में किसी प्रकार की गड़बड़ी से इनकार करते हैं और दीवार को जल्द से जल्द ठीक कराने की बात भी कर रहे हैं। बारिश रुकने पर दीवार की मरम्मत करवाई जाएगी और इसके बाद स्थाई समाधान पर विचार किया जाएगा।
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कार को नुकसान पहुंचा
गौरतलब है कि यह पहली घटना नहीं है जब डुमना एयरपोर्ट पर ऐसी कोई दुर्घटना हुई हो। जून 2024 में भी एयरपोर्ट की टर्मिनल बिल्डिंग के ड्राप एंड गो एरिया में रूफ गिरने से एक कार को नुकसान पहुंचा था। इस तरह की घटनाएं एयरपोर्ट की संरचना और गुणवत्ता पर सवाल खड़े करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालती हैं।
हवाई अड्डे की सुरक्षा दीवारें केवल यात्रियों को नहीं, बल्कि हवाई सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य होती हैं। डुमना एयरपोर्ट की घटना यह बताती है कि सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाना जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
इस तरह की घटनाएं हमारे हवाई अड्डों पर मजबूत सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण की आवश्यकता को दर्शाती हैं, खासकर जब बात यात्रियों की सुरक्षा की हो।
