Itarsi Railway: इटारसी जंक्शन पर विंध्याचल एक्सप्रेस और प्रयागराज छिवकी पैसेंजर ट्रेनों के एक जैसे नाम और बोर्ड यात्रियों के लिए भ्रम की स्थिति पैदा कर रहे हैं। रेलवे द्वारा दोनों ट्रेनों पर एक जैसे बोर्ड लगाए जाने के कारण हर दिन सैकड़ों यात्री गलत ट्रेन में सवार हो जाते हैं। इससे भोपाल जाने वाले यात्री प्रयागराज और प्रयागराज जाने वाले यात्री भोपाल पहुंच जाते हैं।
Itarsi Railway: दोनों ट्रेनों पर लगा ‘विंध्याचल एक्सप्रेस’ का बोर्ड
विंध्याचल एक्सप्रेस (11271–11272) इटारसी से बीना होते हुए भोपाल तक चलती है, जबकि इटारसी–प्रयागराज छिवकी पैसेंजर (11273–11274) प्रयागराज तक जाती है। दोनों ट्रेनों पर ‘विंध्याचल एक्सप्रेस’ का बोर्ड लगा होने से यह भ्रम उत्पन्न होता है। दोनों ट्रेनें अक्सर आमने-सामने के प्लेटफॉर्म पर खड़ी होती हैं और उनके रवाना होने के समय में लगभग एक घंटे का अंतर होता है।
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Itarsi Railway: दोनों का ये टाइम टेबल
विंध्याचल एक्सप्रेस शाम 4:20 बजे और प्रयागराज पैसेंजर शाम 5:10 बजे चलती है। ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले कई यात्री बोर्ड देखकर गलत ट्रेन में बैठ जाते हैं और बाद में उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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रेलवे बोर्ड को लिखा पत्र
रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश श्रीवास्तव ने इस मुद्दे को संज्ञान में लिया। उन्होंने तत्काल रेलवे अधिकारियों और स्थानीय सांसद दर्शन सिंह चौधरी को इस समस्या से अवगत कराया। श्रीवास्तव ने रेलवे बोर्ड को पत्र लिखकर स्थिति की जानकारी दी है और तत्काल सुधार की मांग की है। उन्होंने जोर दिया कि यात्रियों की समस्याएं सर्वोच्च प्राथमिकता हैं और उनके समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
भोपाल के यात्री पहुंच जाते है प्रयागराज
यात्रियों ने बताया कि गलत ट्रेन पकड़ने के कारण उन्हें आर्थिक, समय और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ती है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्लेटफॉर्म पर कोई स्पष्ट सूचना या अलग बोर्ड नहीं लगाया गया है।संबंधित ट्रेनों के नंबर इस प्रकार हैं: इटारसी–प्रयागराज छिवकी पैसेंजर (11273/11274) और इटारसी–बीना–भोपाल विंध्याचल एक्सप्रेस (11271/11272)। यात्री मांग कर रहे हैं कि दोनों ट्रेनों पर स्पष्ट रूप से अलग-अलग नाम वाले बोर्ड लगाए जाएं, ताकि उनकी परेशानी खत्म हो.
