israel iran war up workers: इजराइल और ईरान के बीच तेज़ होते सैन्य टकराव ने विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है. खासकर उत्तर प्रदेश के वे हजारों श्रमिक, जो पिछले दो साल में रोजगार के लिए इजराइल पहुंचे थे, अब हर सायरन के साथ सतर्क हो जाते हैं। जैसे ही खतरे का अलर्ट बजता है, लोग काम छोड़कर सीधे बंकर की तरफ दौड़ पड़ते हैं. इधर राज्य सरकार का कहना है कि सभी मजदूरों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बना हुआ है।
israel iran war up workers: दो साल में यूपी से हजारों मजदूर पहुंचे इजराइल
दरअसल 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने नेशनल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत युवाओं को विदेश में रोजगार देने की योजना शुरू की थी। उसी दौरान इजराइल की पॉपुलेशन इमिग्रेशन एंड बॉर्डर अथॉरिटी ने लखनऊ में भर्ती कैंप लगाया.करीब 6 हजार युवाओं का चयन हुआ और उन्हें निर्माण कार्य के लिए इजराइल भेजा गया। इनमें ज्यादातर मजदूर हैं, जो बिल्डिंग, सड़क और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। औसतन उनकी सैलरी एक लाख रुपये से ज्यादा बताई जाती है.हालांकि उस वक्त भी इजराइल-हमास संघर्ष चल रहा था, मगर हालात अब की तरह तनावपूर्ण नहीं थे।
israel iran war up workers: सायरन बजते ही घुस जाते है बंकर में
बहराइच जिले के शाहनवाजपुर गांव के साहबपुरवा इलाके से 16 लोग इजराइल में काम कर रहे हैं। ये सभी फिलहाल कत्सरीन इलाके में हैं, जो जेरूसलम से लगभग 250 किलोमीटर दूर बताया जाता है.यहीं काम कर रहे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी अब अलर्ट के साथ गुजर रही है.. यहां जैसे ही सायरन बजता है, सब तुरंत बंकर की तरफ चले जाते हैं. आसपास हर इलाके में बंकर बने हुए हैं, इसलिए थोड़ी सुरक्षा महसूस होती है.
यूपी सरकार बोली- लगातार रखी जा रही निगरानी
इस समय इजराइल में करीब 42 हजार भारतीय नागरिक रह रहे हैं। इनमें 6004 उत्तर प्रदेश के निर्माण श्रमिक बताए जाते हैं.उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है.उनके मुताबिक, नेशनल स्किल डेवलपमेंट निगम और भारतीय दूतावास से संपर्क बना हुआ है। अभी तक किसी भी मजदूर के साथ किसी बड़ी समस्या की सूचना नहीं मिली है।
भारतीय दूतावास ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास ने जरूरत पड़ने पर संपर्क के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं।
हेल्पलाइन:
+972-54-7520711
+972-54-2428378
इसके अलावा पीआईबीए की तरफ से 1-700-707-889 नंबर भी जारी किया गया है, जिसे सेंटर फॉर इंटरनेशनल माइग्रेशन एंड इंटीग्रेशन संचालित कर रहा है. युद्ध का माहौल बना हुआ है, लेकिन फिलहाल भारतीय मजदूर काम जारी रखे हुए हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं.
