मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रही। इसका असर आम यात्रियों की जिंदगी तक पहुंच चुका है। दुबई की पहचान मानी जाने वाली इमारत बुर्ज खलीफा के पास ड्रोन हमला हुआ। कुछ ही मिनटों में वहां अफरातफरी मच गई। इमारत को खाली कराया गया। उसकी चमकती रोशनी बुझा दी गई। दुबई जैसे शहर में ऐसा दृश्य असामान्य है। जहां रातें रोशनी से जगमगाती हैं, वहां अचानक सन्नाटा छा गया।
एयरपोर्ट बंद, दुनिया भर की उड़ानें प्रभावित
हमले के बाद दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फ्लाइट ऑपरेशन अगले आदेश तक रोक दिए गए। यात्रियों से साफ कहा गया कि वे एयरपोर्ट न पहुंचें और अपनी एयरलाइंस से अपडेट लेते रहें।
उधर फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइट Flightradar24 के मुताबिक पूरे मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस बुरी तरह प्रभावित है। कई देशों ने एहतियातन अपने आसमान को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

इसका असर भारत तक दिखा। एयर इंडिया ने 1 मार्च को लंदन, टोरंटो, फ्रैंकफर्ट, पेरिस और शिकागो की सभी निर्धारित उड़ानें रद्द कर दीं। एयरलाइन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एक फ्लाइट जो बोइंग 777 से ऑपरेट हो रही थी, पांच घंटे हवा में रहने के बाद सऊदी अरब के एयरस्पेस से वापस लौटी। यात्रियों के लिए यह लंबी और थकाऊ उड़ान रही। कई लोगों के कनेक्टिंग फ्लाइट्स छूट गए। कुछ परिवार एयरपोर्ट पर घंटों बैठे रहे।
भारत के विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने एयरलाइंस को 11 देशों के एयरस्पेस से बचने की सलाह दी है। यह असाधारण कदम है। इंडिगो समेत अन्य एयरलाइंस ने भी कहा है कि वे हालात की समीक्षा कर रही हैं और जरूरत पड़ने पर रूट बदल सकती हैं।
खाड़ी में भारतीयों की बड़ी मौजूदगी
इजराइल में 40 हजार से ज्यादा भारतीय रहते हैं। वहीं ईरान में करीब 9 से 10 हजार भारतीय हैं, जिनमें बड़ी संख्या कश्मीरी मेडिकल छात्रों की है। कई छात्रों ने वीडियो जारी कर मदद की अपील की है। उनका कहना है कि परीक्षा नजदीक है, लेकिन हालात असुरक्षित हैं। जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर सुरक्षित निकासी की मांग की है।
दूतावास पहले ही एडवाइजरी जारी कर चुका था, लेकिन कुछ छात्र इसलिए रुके रहे क्योंकि 5 मार्च को अहम राष्ट्रीय परीक्षाएं होनी थीं। यह वही परीक्षाएं हैं जिनके बिना उनकी डिग्री और भविष्य अटक सकता है।

होर्मुज स्ट्रेट पर संकट
ईरान ने रणनीतिक समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। यह दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। अगर यह पूरी तरह बंद होता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल तय है। खाड़ी में मौजूद जहाजों को चेतावनी संदेश भेजे जा रहे हैं। वैश्विक व्यापार की धड़कन जैसे थम सी गई है।
