israel gaza war latest news 2025 : इज़राइल-गाजा युद्ध की भयावहता एक बार फिर सामने आ गई जब 28 मई 2025 को गाजा पट्टी के राफा शहर में मची भगदड़ में तीन लोगों की मौत, 46 घायल और 7 लोग लापता हो गए। यह हादसा तब हुआ जब हजारों फिलिस्तीनी अमेरिकी सहायता केंद्र में भोजन प्राप्त करने के लिए जमा हुए थे।
israel gaza war latest news 2025 : अल जज़ीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, यह भगदड़ तब मची जब इजरायली सैनिकों ने हवा में गोलियां चलाईं, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। इजरायली सेना का कहना है कि गोलीबारी सहायता केंद्र के बाहर की गई थी, लेकिन इससे पहले से ही संघर्ष में फंसे लोगों में डर और अराजकता फैल गई।
फिलिस्तीनी अधिकारियों ने बताया “जानबूझकर नरसंहार”
गाजा के राज्य मीडिया कार्यालय ने इस घटना को “जानबूझकर किया गया नरसंहार” बताया और इसे एक प्रत्यक्ष युद्ध अपराध करार दिया है। यह बयान उस समय आया है जब गाजा में खाने-पीने की चीजों की भारी किल्लत है और भुखमरी का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
नई सहायता योजना पर विवाद
गाजा में फिलहाल अमेरिकी समर्थन से नई सहायता वितरण व्यवस्था शुरू की जा रही है, जिसे इजरायली सेना की निगरानी में लागू किया जाएगा। इसका प्रबंधन एक अमेरिकी कंपनी गाजा ह्यूमैनिटेरियन फाउंडेशन (GHF) के हाथों में होगा, जिसे पूर्व अमेरिकी मरीन जैक वुड्स चला रहे हैं।
हालांकि, संयुक्त राष्ट्र ने इस व्यवस्था से दूरी बना ली है और कहा है कि यह संगठन निष्पक्ष नहीं है। जहां GHF केवल 4 वितरण केंद्र खोलने जा रहा है, वहीं यूएन के पास पहले से 400 केंद्र सक्रिय थे। ऐसे में यह आशंका है कि सहायता केवल चुनिंदा लोगों तक ही पहुंचेगी।
गाजा में भुखमरी की बढ़ती आशंका
2 मार्च के बाद से गाजा में अनाज नहीं पहुंचा है। पिछले ढाई महीनों में संयुक्त राष्ट्र और अन्य एजेंसियों के खाद्य भंडार पूरी तरह समाप्त हो चुके हैं। इस हालात को देखते हुए अमेरिका समेत कई देशों के दबाव में इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को मदद बहाल करने का आदेश दिया।
उनका कहना है कि यदि भुखमरी को नहीं रोका गया तो यह हमास के खिलाफ चल रही सैन्य कार्रवाई को कमजोर कर सकता है। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि इज़राइल यह सुनिश्चित करेगा कि मदद सिर्फ आम लोगों तक पहुंचे, आतंकवादी गुटों तक नहीं।
संघर्ष विराम पर हमास की सहमति
इसी बीच एक बड़ी खबर यह भी सामने आई है कि हमास ने अमेरिका द्वारा प्रस्तावित संघर्ष विराम को स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में 10 इजरायली बंधकों की रिहाई और 70 दिनों का संघर्ष विराम शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, इज़राइल को भी इसके तहत सैकड़ों फिलिस्तीनी कैदियों को रिहा करना होगा।

फिलहाल इजरायल की ओर से इस प्रस्ताव पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
युद्ध के बीच मानवता की पुकार
इज़राइल-गाजा युद्ध केवल सीमाओं का नहीं, बल्कि मानवता की परीक्षा बन चुका है। राफा जैसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि जब युद्धशांति को लीलने लगे, तब सबसे अधिक मार आम नागरिक झेलते हैं। ऐसे में ज़रूरत है सही सूचनाओं, न्यायोचित समाधान और पारदर्शी सहायता व्यवस्था की।
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