Israel Strikes Iran : वॉर लीजेंड ह्वॉसैन सलामी समेत 4 शीर्ष कमांडर और परमाणु वैज्ञानिक मारे गए
Israel Strikes Iran : 13 जून, 2025 को इजराइल ने सुबह बड़े पैमाने पर हवाई हमले करके इरान के चार परमाणु ठिकानों और दो सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। इस ऑपरेशन में इरानी IRGC चीफ हुसैन सलामी, सेना प्रमुख मोहसिन बाघेरी और दो प्रमुख परमाणु वैज्ञानिक (Fereydoon Abbasi & Mohammad Mehdi Tehranchi) मारे गए ।
इजराइल ने इस ऑपरेशन का नाम रखा है Operation Rising Lion। लॉन्चिंग से पहले ही इजराइल का दावा था कि इरान कई परमाणु बम बनाने की क्षमता के बहुत करीब है, और उसे तत्काल रोका जाना चाहिए ।

🚀 हमले की टारगेट लिस्ट:
1. नतांज़ (Natanz Nuclear Facility)
- मेन इरानी परमाणु उपकरण स्थल, 250 किमी दक्षिण तेहरान।
- यहाँ मजबूत बंकर सिस्टम थे लेकिन ट्रांसफॉर्मर को भारी नुकसान पहुँचा।
2. तेहरान (Tehran)
- राजधानी में IRGC चीफ हुसैन सलामी और सेना प्रमुख बाघेरी का टारगेट।
- हमले में IRGC के कई कमांड सेंटर, एयरबेस और सरकारी इमारतों पर भी हमला हुआ।
3. इस्फहान (Isfahan)
- परमाणु रूपांतरण सुविधा—Uranium conversion plant।
- एयरबेस, रडार सिस्टम और पुराने F‑14 ठिकानों पर ड्रोनों से हमला हुआ ।
4. अराक (Arak Heavy Water Reactor)
- IR‑40 Heavy Water Reactor टारगेट, प्लूटोनियम बनाने की क्षमता रखने वाली सुविधा।
5. तबरीज़ (Tabriz)
- सैन्य वेयरहाउस, मिसाइल यूनिट्स, IRGC ठिकाने और तेल रिफाइनरी शामिल थे ।
- इजराइल मिडल ईस्ट में ईरान के रक्षात्मक और आर्थिक संरचना को कमजोर करना चाहता है।
6. करमनशाह (Kermanshah)
- ईरान-इराक सीमा के पास स्थित, मिसाइल बेस और लॉजिस्टिक हब समेत कई महत्वपूर्ण जंक्शन।
- इस समन्वय ने संभावित पलटवार को पहले ही दफनाया ।
🕵️ क्यों यह हमला इतना बड़ा कदम है?
- इजराइली पीएम नेतन्याहू के अनुसार, इरान “कुछ ही दिनों में” हथियार-ग्रेड सामग्री इकट्ठा कर सकता था – इस वजह से हमला अति आवश्यक था ।
- इजराइल ने स्पष्ट किया कि यह “existential threat” से निपटने की रणनीति है ।
- सोर्सेज के मुताबिक 200 जेट्स ने 100 से अधिक लक्ष्यों पर हमला किया, जिसमें 330 म्यूनिशन का उपयोग हुआ।
🔁 इरानी प्रतिक्रिया और वैश्विक असर
- इरान ने 100+ ड्रोन मिसाइल के जरिए पलटवार किया, लेकिन अधिकांश को इजराइल ने इंटरसेप्ट कर लिया ।
- ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई ने चेतावनी दी कि जवाब “bitter and severe” होगा।
- अमेरिकी और नाटो भागीदारों ने कूटनीतिक दबाव बनाया, ब्रिटेन और टर्की ने स्थिति को लेकर फिक्र जाहिर की ।
- तेल की कीमतों में 7–12% उछाल और मध्य-पूर्व की एयरस्पेस में बड़े विमानों की उड़ानें रद्द हो गईं ।
✅ बीच में कांप रहा मध्य-पूर्व
यह हमला मध्य-पूर्व की सबसे बड़ी सैन्य कार्रवाई में से एक है।
इजराइल ने स्पष्ट कर दिया कि वह परमाणु खतरे को समय रहते खत्म करेगा, चाहे इसके लिए दुनिया को चुनौती क्यों न देनी पड़े।

अब सवाल यह है—क्या पलटवार की चेन रिएक्शन शुरू हो जाएगी?
आने वाले दिन बेहद नाज़ुक होंगे, और वैश्विक समुदाय की निगाह इस पर टिकी रहेगी।
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