अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और तेज हो गया है। जंग के दसवें दिन इजराइल ने ईरान पर एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले शुरू कर दिए। इजराइली सेना के मुताबिक राजधानी तेहरान, औद्योगिक शहर इस्फहान और दक्षिणी इलाकों में ईरानी शासन से जुड़े कई अहम इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाकर एयरस्ट्राइक किए जा रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कई जगह तेज धमाकों की आवाजें सुनी गईं और कुछ इलाकों में धुएं के बड़े गुबार भी दिखाई दिए।
ईरान की चेतावनी: हमले जारी रहे तो बातचीत नहीं
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने साफ कहा है कि मौजूदा हालात में बातचीत की कोई संभावना नहीं है।उन्होंने कहा कि जब तक इजराइल के हमले जारी हैं, तब तक किसी भी तरह की कूटनीतिक बातचीत की गुंजाइश नहीं बनती। प्रवक्ता के मुताबिक फिलहाल ईरान की प्राथमिकता “निर्णायक जवाब देना” है। इस बयान से साफ है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय और बढ़ सकता है।
बेरूत में भी एयरस्ट्राइक की खबर
मिडिल ईस्ट के हालात सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं हैं। लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी उपनगरों में भी कई एयरस्ट्राइक की खबरें सामने आई हैं। माना जा रहा है कि इजराइल यहां ईरान समर्थक संगठन हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहा है। सीमा के पास इजराइली टैंकों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है, जिससे क्षेत्र में तनाव और गहरा गया है।
नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई घायल
इस बीच इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई घायल हो गए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें हाल ही में देश का नया सर्वोच्च नेता घोषित किया गया था। हालांकि ईरान की ओर से इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
35 साल तक ईरान के सुप्रीम लीडर रहे अली खामेनेई
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की 28 फरवरी को हुए अमेरिका-इजराइल के हमले में मौत हो गई थी। वह करीब 35 साल तक ईरान की सर्वोच्च सत्ता पर काबिज रहे। 1989 में रुहोल्लाह खुमैनी के निधन के बाद उन्हें देश का सुप्रीम लीडर बनाया गया था। इससे पहले खामेनेई 1981 से 1989 तक ईरान के राष्ट्रपति भी रहे। 1979 की इस्लामिक क्रांति में भी उनकी अहम भूमिका मानी जाती है।
