
मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाते हुए करीब 3,500 अतिरिक्त सैनिक तैनात किए हैं। इस कदम को संभावित बड़े सैन्य संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
USS Tripoli से तैनाती
अमेरिकी सेंट्रल कमांड CENTCOM के मुताबिक, ये सैनिक USS Tripoli के जरिए मिडिल ईस्ट पहुंचे हैं.ये सैनिक 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट का हिस्सा हैं। इनके साथ लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और आधुनिक हथियार भी भेजे गए हैं। इसके अलावा 82nd Airborne Division की तैनाती की भी चर्चा है, जिससे हालात और गंभीर हो सकते हैं।
ईरान ने कहा- ताबूत में वापस लौटोगे
तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को सीधी चेतावनी दी है। ईरान के अंग्रेजी अखबार Tehran Times ने “Welcome to Hell” हेडलाइन के साथ कहा कि अगर अमेरिकी सैनिक ईरान की जमीन पर कदम रखते हैं, तो वे “ताबूत में वापस लौटेंगे”.विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की बयानबाजी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है।
ईरान का दावा- ड्रोन गिराया, F-16 को बनाया निशाना
ईरान की (IRGC) ने दावा किया है कि उसने मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए कई ठिकानों को निशाना बनाया।ईरान के अनुसार, एक अमेरिकी MQ-9 Reaper को मार गिराया गया है और F-16 Fighting Falcon को भी निशाना बनाया गया.साथ ही Haifa और Ben Gurion Airport के फ्यूल स्टोरेज पर हमले का दावा भी किया गया है। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हो सकी है।
दुबई और कुवैत में हमलों के दावे, बढ़ी सुरक्षा चिंता
ईरान ने दुबई में अमेरिकी ठिकानों पर हमले का दावा किया है, जहां सैकड़ों सैनिक मौजूद थे.वहीं कुबैद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले की खबर है, जिसमें रडार सिस्टम को नुकसान हुआ है। इन घटनाओं के बाद खाड़ी देशों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
लेबनान में हमले, तीन पत्रकारों की मौत
लेबनान में इजराइली हमले के दौरान तीन पत्रकारों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि हमले के समय लाइव रिपोर्टिंग चल रही थी.इस घटना ने युद्ध क्षेत्र में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। ईरान के राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजराइल का समर्थन न करें।उन्होंने कहा कि यदि किसी भी देश की जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ किया गया, तो उसे भी जवाब का सामना करना पड़ेगा।
