होली के रंग अभी लोगों के हाथों से उतरे भी नहीं थे कि शेयर बाजार ने निवेशकों की खुशियों पर पानी फेर दिया. देश जश्न में डूबा रहा और इधर बाजार लाल निशान में डूबता चला गया. मिडिल ईस्ट में भड़की ईरान-इजराइल जंग का असर सीधे दलाल स्ट्रीट पर दिखा, जहां भारी बिकवाली से निवेशकों को एक झटके में करीब 9 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हो गया।
सेंसेक्स 78,600 के नीचे, निफ्टी 500 अंक टूटा
होली के दिन बाजार खुलते ही दबाव में नजर आया. सेंसेक्स 1700 अंकों से ज्यादा टूटकर 78,600 के नीचे कारोबार करता दिखा, वहीं निफ्टी करीब 500 अंक गिरकर 24,350 के आसपास पहुंच गया. बैंक निफ्टी की हालत भी कुछ बेहतर नहीं रही, इसमें लगभग 1000 अंकों की गिरावट दर्ज की गई.ट्रेडर्स का कहना है कि छुट्टी के मूड में भी बाजार ने राहत नहीं दी, डर और अनिश्चितता हावी रही।
टॉप शेयरों में बिकवाली
अगर बीएसई के टॉप-30 शेयरों की बात करें तो IT कंपनियों को छोड़कर बाकी लगभग 25 शेयर गिरावट में रहे.
- L&T के शेयर 6% से ज्यादा टूटे
- टाटा स्टील करीब 5% नीचे आ गया
- अडानी पोर्ट्स में 4% की गिरावट
- महिंद्रा एंड महिंद्रा और इंडिगो जैसे शेयर भी 4% तक फिसल गए
छोटे और मझोले शेयरों में भी बिकवाली का दबाव साफ दिखा, कई काउंटरों पर लोअर सर्किट जैसे हालात बने।
बाजार गिरने की 3 बड़े कारण
1. युद्ध का संकट
ईरान-इजराइल युद्ध ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर डर बढ़ा दिया है. निवेशकों को आशंका है कि हालात बिगड़े तो ट्रेड और शिपिंग बुरी तरह प्रभावित होगी।
2. कच्चा तेल
तेल की कीमतें उछलने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई दोनों बढ़ने का खतरा है।
3. ग्लोबल सेल-ऑफ
अमेरिका और एशियाई बाजारों में आई गिरावट का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
कच्चा तेल 13% महंगा, डर 120 डॉलर का
ब्रेंट क्रूड में आज करीब आधा फीसदी की तेजी रही और दाम 80 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए. बीते तीन दिनों में तेल 13% से ज्यादा चढ़ चुका है. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ा, तो कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं. इसका असर आम आदमी की जेब पर भी पड़ेगादिल्ली में पेट्रोल ₹95 से बढ़कर ₹100 प्रति लीटर तक जा सकता है.डीजल ₹88 से ₹92 के आसपास पहुंच सकता है. अन्य शहरों में भी इसी तरह की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
एशियाई बाजारों में हाहाकार, कोरिया सबसे ज्यादा टूटा
एशिया में भी तस्वीर डराने वाली रहीसाउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स करीब 10% टूटकर 5,206 पर आ गया,जापान का निक्केई 3.89% गिरकर 54,090 पर,हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.87% नीचे 25,285 पर,चीन का शंघाई कंपोजिट भी कमजोरी के साथ बंद हुआ
निवेशकों के लिए संकेत
फिलहाल बाजार का मूड पूरी तरह खबरों पर टिका है. जब तक मिडिल ईस्ट में हालात साफ नहीं होते, तब तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है. एक्सपर्ट्स सलाह दे रहे हैं कि जल्दबाजी में फैसले न लें, और कैश पोजिशन मजबूत रखें.
