मिडिल ईस्ट में हालात तेजी से बदल रहे हैं और अब टकराव खुलकर सामने आ रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने सिर्फ 24 घंटे के भीतर अमेरिका के दो लड़ाकू विमानों को मार गिराया है। इसी बीच एक पायलट को बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश जारी है—और यहीं से कहानी और गंभीर हो जाती है।
ये विमान बने निशाना
ईरान का कहना है कि उसने एक F-35 और एक A-10 Thunderbolt II को गिराया। हालांकि कई डिफेंस एक्सपर्ट्स और रिपोर्ट्स इस दावे से पूरी तरह सहमत नहीं हैं। उनका मानना है कि पहला विमान दरअसल F-15E Strike Eagle हो सकता है। A-10 विमान पर हमला होने के बाद उसने किसी तरह Kuwait की ओर रुख किया। पायलट ने समय रहते इजेक्ट कर लिया, जिससे उसकी जान बच गई। हालांकि विमान कुवैत में क्रैश हो गया। यह दिखाता है कि हालात कितने तनावपूर्ण और अनिश्चित हो चुके हैं।
रेस्क्यू मिशन भी नहीं रहा सुरक्षित
घायल और फंसे पायलटों को निकालने के लिए भेजे गए Black Hawk हेलिकॉप्टर भी हमले से बच नहीं सके। ईरान ने इन पर भी निशाना साधा, हालांकि सभी सैनिक सुरक्षित बताए जा रहे हैं। इससे साफ है कि अब रेस्क्यू ऑपरेशन भी खतरे से बाहर नहीं हैं।
एक पायलट बचा, दूसरे की तलाश जारी
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, F-15E Strike Eagle से जुड़े दो पायलटों में से एक को सुरक्षित निकाल लिया गया है। वहीं दूसरे पायलट की तलाश जारी है। इसके लिए C-130 Hercules जैसे बड़े सैन्य विमान इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं।
पायलट पर इनाम
तनाव को और बढ़ाते हुए ईरान ने लापता अमेरिकी पायलट को पकड़ने पर 10 बिलियन ईरानी तोमान (करीब 55 लाख रुपए) का इनाम घोषित कर दिया है। सरकारी मीडिया IRIB के जरिए लोगों से अपील की गई है कि वे पायलट को जिंदा पकड़कर अधिकारियों को सौंपें।
आगे क्या
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि लापता पायलट का क्या होगा और क्या यह टकराव बड़े युद्ध का रूप लेगा। फिलहाल, पूरी दुनिया की नजरें मिडिल ईस्ट पर टिकी हैं।
