जानें क्या है भारतीय दूतावास का नया आदेश!
नई दिल्ली: भारतीय दूतावास ने मंगलवार रात को एक नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें भारतीय नागरिकों को ईरान में गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है। यह कदम ईरान और उसके पड़ोसी देशों में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच उठाया गया है। दूतावास ने अपने बयान में कहा कि, “पिछले कुछ हफ्तों में सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, हम भारतीय नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे ईरान में गैर-जरूरी यात्रा से बचें।”

यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ चुका है। दूतावास ने नागरिकों को यह भी सलाह दी है कि वे ईरान के ताजा घटनाक्रमों पर कड़ी नजर रखें और भारतीय अधिकारियों द्वारा जारी किसी भी सुरक्षा एडवाइजरी का पालन करें।
क्या है भारतीय दूतावास की सलाह?
भारतीय दूतावास ने उन भारतीय नागरिकों से, जो पहले से ईरान में मौजूद हैं, यह अनुरोध किया है कि वे देश में उपस्थित अपनी स्थिति की समीक्षा करें और अगर जरूरी हो, तो वहां से निकलने के लिए कॉमर्शियल फ्लाइट्स और नौका फेरी सेवाओं का उपयोग करें। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रखना है और उन्हें संभावित खतरे से बचाना है।
ईरान-अमेरिका तनाव और भारतीयों की सुरक्षा
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारतीय दूतावास का यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अमेरिकी सेना ने 21 जून को B-2 बॉम्बर से ईरान के फोर्डो और नतांज जैसे महत्वपूर्ण परमाणु ठिकानों पर हमला किया था, जिसके बाद ईरान ने कतर स्थित एक अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल हमले किए। इस पूरे घटनाक्रम से दुनियाभर में चिंता का माहौल बना हुआ है।
इस युद्ध के दौरान, भारतीय दूतावास ने “ऑपरेशन सिंधु” नामक अभियान चलाया था, जिसके तहत 18 जून से अब तक 4,415 भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित निकाल लिया गया था।
सुरक्षा की दिशा में ईरान के धर्मगुरु का बयान
इसी बीच, ईरान के वरिष्ठ शिया धर्मगुरु ग्रैंड अयातुल्ला नासिर मकारिम शिराजी ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ एक धार्मिक फतवा जारी किया है। फतवे में कहा गया कि, “जो कोई भी ईरान के सर्वोच्च नेता या किसी धार्मिक पदाधिकारी को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा, उसे जंग को बढ़ावा देने वाला अपराधी माना जाएगा।”
इस फतवे ने युद्ध और संघर्ष की स्थिति को और भी जटिल बना दिया है, खासकर ईरान के खिलाफ अमेरिकी और इजराइल की नीतियों को देखते हुए।
भारत और ईरान का ऐतिहासिक संबंध
भारत और ईरान के बीच सदियों पुराना ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संबंध है। भारत ने हमेशा ईरान को एक महत्वपूर्ण साझीदार के रूप में देखा है। फिर भी, वर्तमान में बढ़ते सैन्य तनाव और अस्थिरता के कारण भारतीय नागरिकों के लिए यात्रा में खतरा बढ़ गया है।
क्या करना चाहिए भारतीय नागरिकों को?
ईरान यात्रा करने का विचार कर रहे भारतीय नागरिकों के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण है कि वे अपने यात्रा के निर्णय पर पुनर्विचार करें और दूतावास द्वारा दी गई सलाह का पालन करें। जिन भारतीयों को ईरान से बाहर निकलने की आवश्यकता है, उन्हें कॉमर्शियल फ्लाइट्स या नौका फेरी के माध्यम से जल्द से जल्द ईरान छोड़ने का सुझाव दिया गया है।

अगर आप या आपके जानने वाले ईरान में हैं, तो तुरंत इस India Iran Travel Advisory को पढ़ें और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करें। लेटेस्ट अपडेट और Iran travel news in Hindi के लिए हमारे साथ जुड़े रहें।
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