फ़िलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप पर हमला
इज़राइली सेना ने त्रिपोली के तटीय शहर में बेदावी फ़िलिस्तीनी रिफ्यूजी कैंप की बिल्डिंग पर हमला किया, जिसमें 2 लोगों की मौत हो गई। लेबनान की हेल्थ मिनिस्ट्री ने कहा कि यह हमला बिना किसी पहले से चेतावनी के इलाके में किया गया और यह अब तक का सबसे उत्तरी हमला था और इसमें एक व्यक्ति घायल भी हुआ। उत्तरी लेबनान का यह सबसे बड़ा फिलिस्तीनी शरणार्थी कैंप माना जाता है।

न्यूक्लियर सेंटर उड़ाने की धमकी
इस बीच ईरान ने इजराइल को कड़ी चेतावनी दी। ईरानी सैन्य अधिकारी ने कहा कि अगर अमेरिका और इजराइल, ईरान में सत्ता परिवर्तन का प्रयास करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर को निशाना बना सकता है।
Operation Epic Fury
ईरान के खिलाफ हमले के 100 घंटे पूरे होने पर अमेरिकी सेना ने वीडियो जारी किया…
3 ड्रोन को मार गिराए
Iran Israel Nuclear Threat: इधर, सऊदी अरब ने ईरान की तरफ से आ रहे एक और ड्रोन को रास्ते में ही मार गिराया। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक यह ड्रोन जॉर्डन सीमा के पास अल-जौफ इलाके के करीब पहुंच रहा था। आज सुबह भी सऊदी अरब ने 3 ड्रोन को मार गिराने की जानकारी दी थी।
मिसाइल रास्ता भटकी
दक्षिणी ईरान में लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया में काफी चर्चा हो रही है। ईरान का कहना है कि इस हमले में कम से कम 168 लोगों की मौत हुई, जिनमें 7 से 12 साल की बच्चियां भी शामिल हैं। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन के सलाहकार ओफिर फाल्क ने एक इंटरव्यू में कहा कि हो सकता है गलती यह हमला ईरान की ही मिसाइल से हुआ हो, जो रास्ता भटककर स्कूल पर गिर गई। उन्होंने कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगी देश जानबूझकर आम लोगों को निशाना नहीं बनाते।

तेल टैंकर पर हमला
ईरान ने बुधवार रात में फिर इजराइल पर कई मिसाइलें दागीं। इसकी जानकारी इजराइल की सेना ने दी। लोगों को सावधान रहने के लिए मोबाइल फोन पर अलर्ट भेजा गया। इसके बाद यरुशलम और मध्य इजराइल के इलाकों में सायरन बजने लगे। कुवैत के पास एक तेल टैंकर के पास जोरदार धमाका होने की खबर भी सामने आई है। यह घटना मुबारक अल-कबीर इलाके से करीब 55 km दूर समुद्र में हुई। धमाके के बाद जहाज से तेल समुद्र में फैल गया और जहाज में पानी भी भर गया। हालांकि सभी क्रू मेंबर सुरक्षित हैं।

Iran Israel Nuclear Threat: 24 घंटे का वक्त
इजराइल ने लेबनान में मौजूद ईरानी अधिकारियों को देश छोड़ने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया था। इसके जवाब में ईरान ने कहा है कि अगर उसके दूतावास पर हमला हुआ तो वह इजराइल के दूतावासों पर हमला होगा। वहीं सऊदी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एक ड्रोन को देश के उत्तर में स्थित अल-जॉफ क्षेत्र के पास मार गिराया गया। इससे पहले अल-खारज प्रांत में 3 ड्रोन को रोका गया था।
कनाडा की सेना
इधर, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि अभी यह नहीं कहा जा सकता कि कनाडा, ईरान के खिलाफ युद्ध में अपनी सेना भेजेगा या नहीं। कनाडा अपने सहयोगियों के साथ खड़ा रहेगा, लेकिन जरूरत पड़ने पर सैन्य मदद देने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
