गाजा में इजराइल के हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी हमले करते हुए इजराइल पर मिसाइल्स दागे हैँ इसके बाद
इजराइल ने भी जवाबी कार्यवाही करने की बात की है I मिडिल ईस्ट में बढ़ते इस तनाव को कम करने की कोशिश
भारत के आलावा अमेरिका और चीन भी कर रहे हैँ क्योंकि सभी देशों को इससे होने वाले आर्थिक नुकसान की चिंता है
I इसके दुष्परिणाम दिखने भी शुरू हो गये हैँ जैसे crude oil की कीमतों में उछाल और शेयर बाजारों में दबाओ I
जहाँ तक भारत के अर्थव्यवस्था क सवाल है छोटी अवधि पर इसका नुकसान आंशिक होने की संभावना है लेकिन
अगर युद्ध लम्बा चला तो कुछ हद तक भारत पर भी असर पढ़ सकता है I चूंकि अभी घरेलू factors मजबूत हैँ और
भारत के पास पर्याप्त Forex reserve है तो अभी चिंता क विषय नहीं है I लेकिन लम्बी अवधि में oil prices के बढ़ने
की वजह से economy पर दबाव आएगा और निवेश में कमी आएगी जिससे रिकवर होने में समय लग सकता है I
तेल की कीमतों में उछाल के कारण महंगाई बढ़ेगी और exports में भी कमी आएगी इसके आलावा चाबाहर पोर्ट
project और ईरान भारत गैस पाइपलाइन जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी असर दिख सकता है I तेल की कीमतों में उछाल के
कारण लम्बी अवधि में भारत को Forex Reserve में कमी, रुपये में कमजोरी और घरेलू बाजाऱ में महंगाई जैसे संकट
देखने को मिल सकते हैँ I
