Iran India Hormuz Route: फारस की खाड़ी में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंताओं के बीच, भारत के लिए एक अच्छी खबर है। ईरान के राजदूत मोहम्मद फथली ने संकेत दिया है कि भारत को होर्मुज से सुरक्षित रास्ता देंगे। पत्रकारों से बात करते हुए, राजदूत ने संकेत दिया कि इस रणनीतिक जलमार्ग से भारत की पहुंच सुनिश्चित करने वाले घटनाक्रम जल्द ही सामने आ सकते हैं।
‘भारत हमारा दोस्त’
ईरान के राजदूत मोहम्मद फथाली ने कहा है कि दुनिया के दूसरे देशों का रुख चाहे जो भी हो, लेकिन भारत के साथ ईरान के संबंध ‘अटूट’ हैं। इस गहरी दोस्ती का बड़ा परिणाम अगले 2 से 3 दिनों के अंदर पूरी दुनिया के सामने होगा। राजदूत ने भावुक होते हुए यहां तक कह दिया कि ‘भारत के लोगों की पीड़ा हमारी पीड़ा है’। यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव चरम पर है और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई है।

2 भारतीयों की मौत
ईरान के इस रुख ने साफ कर दिया है कि संकट की इस घड़ी में भारत को अपने सबसे भरोसेमंद साथी के रूप में देख रहा है। इसी बीच ओमान के सोहर प्रांत में ड्रोन गिरने से 2 भारतीय कामगारों की मौत हो गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक सुरक्षा बलों ने एक ड्रोन को मार गिराया, जिसके बाद उसका मलबा गिरने से यह हादसा हुआ। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच कई देशों में सुरक्षा हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है।
Iran India Hormuz Route: अमेरिका की धमकी
इधर, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका आज ईरान पर अब तक के सबसे ज्यादा हवाई हमले करेगा। अमेरिकी सेना युद्ध में दबाव बनाए रखेगी और अभियान को और तेज किया जाएगा। उनके अनुसार बड़ी संख्या में फाइटर जेट और बॉम्बर विमानों से स्ट्राइक मिशन चलाए जाएंगे। अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा है कि अमेरिका ईरान की सभी अहम सैन्य क्षमताओं को खत्म करने की योजना पर आगे बढ़ रहा है। हेगसेथ के मुताबिक अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान में 15,000 से ज्यादा सैन्य टारगेट पर हमले किए। इस सैन्य अभियान में दोनों देशों को बड़ी सफलता मिली है।

‘जर्मनी जंग का हिस्सा नहीं’
वहीं जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा है कि उनका देश ईरान से जुड़े युद्ध का हिस्सा नहीं है और न ही बनेगा। नॉर्वे दौरे के दौरान उन्होंने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कारण नहीं है कि जर्मनी होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की सैन्य सुरक्षा देने पर विचार करे, जबकि इस अहम रास्ते के आसपास ईरान से जुड़े हमले हो रहे हैं।
