महंगाई, गिरती कमाई और गुस्सा ईरान में हालात बेकाबू
ईरान में आर्थिक संकट अब सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं रहा. चौथे दिन भी देशभर में प्रदर्शन जारी हैं और गुस्सा सड़कों पर साफ दिख रहा है रियाल की ऐतिहासिक गिरावट ने आम जिंदगी को जकड़ लिया है खाने-पीने का सामान दवाइयां और रोज़मर्रा की ज़रूरतें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं ।
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हिंसा में बदला विरोध एक पुलिसकर्मी की मौत
31 दिसंबर को हुए प्रदर्शनों के दौरान 21 वर्षीय पुलिसकर्मी की मौत हो गई जबकि 13 सुरक्षाकर्मी घायल बताए जा रहे हैं, कई शहरों में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं चौराहों पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं पुलिस ने भीड़ हटाने के लिए कार्रवाई की ।
रियाल की गिरावट बना आग में घी
ईरानी मीडिया के मुताबिक लोगों का कहना है कि कमाई की कीमत मिट्टी हो गई है. दवाइयों की कीमतें बढ़ी हैं, खाद्य वस्तुएं महंगी हो चुकी हैं और भरोसा टूटता जा रहा है एक व्यापारी ने बताया
जो पैसा पहले महीने भर चलता था, अब कुछ दिनों में खत्म हो जाता है
शहर-शहर बंद, सड़कों पर नारे
तेहरान समेत कई बड़े शहरों में दुकानदारों ने दुकानें बंद रखकर विरोध जताया कुछ जगहों पर सरकारी इमारतों पर हमले की खबरें भी सामने आई हैं. प्रदर्शनकारियों के नारे अब सीधे सत्ता पर सवाल उठा रहे हैं मुल्लाओं को जाना होगा, तानाशाही नहीं चलेगी ।
