iran big attack: मिडिल ईस्ट में हालात हर घंटे और ज्यादा खतरनाक होते जा रहे हैं. अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद अब इस जंग में नए देशों की एंट्री शुरू हो गई है। ताज़ा घटनाक्रम में फ्रांस ने पूर्वी भूमध्य सागर में अपना युद्धपोत भेज दिया है, जिससे साफ संकेत मिल रहा है कि यह टकराव अब सिर्फ तीन देशों तक सीमित नहीं रहने वाला.मैदान में गोलाबारी जारी है, एयरस्पेस बंद हैं, और आम लोगों में डर गहराता जा रहा है. राजधानियों से लेकर सीमावर्ती इलाकों तक, हर जगह जंग जैसे हालात दिख रहे हैं.
iran big attack: अमेरिका इजरायल के हमले, ईरान का पलटवार
अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए ईरान पर भीषण हमले किए हैं, जो तीसरे दिन भी जारी बताए जा रहे हैं. इन हमलों के जवाब में ईरान ने मिडिल ईस्ट के अलग-अलग देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजरायल के कई शहरों को निशाना बनाया है.ईरान की ओर से साफ कहा गया है कि यह सिर्फ शुरुआत है. जवाबी हमलों को लेकर तेहरान का दावा है कि दुश्मनों को “करारा जवाब” दिया जा रहा है. वहीं, इजरायल में कई शहरों में सायरन और ब्लैकआउट जैसी स्थिति देखी गई.
iran big attack: खामेनेई की मौत के बाद और आक्रामक हुआ ईरान
ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत के बाद हालात और ज्यादा विस्फोटक हो गए हैं. इसी बीच ईरान की जामकरान मस्जिद पर इंतकाम का लाल झंडा फहराया गया, जिसे बड़े बदले का प्रतीक माना जा रहा है.इस कदम को ईरान के इरादों का सीधा संकेत माना जा रहा है. संदेश साफ है, ईरान पीछे हटने के मूड में नहीं है और संघर्ष लंबा खिंच सकता है.
एयरस्पेस बंद, नागरिकों के लिए एडवाइजरी
तेज़ी से बिगड़ते हालात को देखते हुए मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं. इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द या डायवर्ट की जा रही हैं. कई देशों ने अपने नागरिकों के लिए ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है, जिसमें गैर-ज़रूरी मूवमेंट से बचने की अपील की गई है.जमीनी हालात पर नजर रखने वालों का कहना है कि अगर यही हाल रहा, तो इसका असर सिर्फ सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति भी बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.
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