Iqbal Singh Bains corruption case: लोकायुक्त ने शुरू की जांच
Iqbal Singh Bains corruption case: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस और आजीविका मिशन के पूर्व सीईओ ललित मोहन बेलवाल के खिलाफ भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों पर लोकायुक्त ने जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई पूर्व विधायक पारस सकलेचा की शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें करीब 500 करोड़ रुपये के घोटाले की बात कही गई है।
शिकायत में लगे गंभीर आरोप
पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने आरोप लगाया कि बैंस ने अपने करीबी अधिकारी बेलवाल को वन विभाग से प्रतिनियुक्ति पर लाकर आजीविका मिशन का सीईओ बनाया और बाद में उन्हें सेवानिवृत्त होने के बावजूद संविदा पर फिर से नियुक्त कर घोटाले का रास्ता तैयार किया। बेलवाल ने पोषण आहार बनाने का काम एग्रो इंडस्ट्रीज से हटाकर आजीविका मिशन को दे दिया।
ऑडिट रिपोर्ट में हुआ खुलासा
मार्च 2025 में विधानसभा में प्रस्तुत ऑडिटर जनरल की रिपोर्ट में इस घोटाले की पुष्टि की गई। रिपोर्ट के अनुसार, 2018 से 2021 के बीच सिर्फ 8 जिलों की जांच में 481.79 करोड़ रुपये की अनियमितताएं सामने आईं। इसमें वितरण, परिवहन और गुणवत्ता के स्तर पर गंभीर गड़बड़ियों का उल्लेख है।
राजनीतिक उठापटक के बीच लिया गया फैसला
दिसंबर 2018 में जब कांग्रेस सरकार आई, तो पोषण आहार निर्माण का काम फिर से एग्रो इंडस्ट्रीज को सौंपा गया। लेकिन मार्च 2020 में बीजेपी सरकार के आते ही बैंस को मुख्य सचिव नियुक्त किया गया और आजीविका मिशन को फिर से सक्रिय भूमिका दे दी गई, जिससे भ्रष्टाचार की जड़ें और मजबूत हुईं।
अगली कार्रवाई की तैयारी
Iqbal Singh Bains corruption case: लोकायुक्त की शुरुआती जांच के बाद अब पूर्व मुख्य सचिव और बेलवाल की भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। मामले में सरकारी दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड और अधिकारियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। यदि आरोप सही पाए गए, तो दोनों अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
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